Home Blog राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम “चिरायु” बना बच्चों के लिए वरदान

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम “चिरायु” बना बच्चों के लिए वरदान

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National Child Health Program “Chirayu” becomes a boon for children

चिरायु के माध्यम से जन्मजात विकृति एवं अन्य बीमारियों से ग्रसित बच्चों का उच्चस्तरीय ईलाज

Ro.No - 13672/156

बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला- कलेक्टर संबित मिश्रा के निर्देशानुसार व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य जिला बीजापुर अधिकारी डॉ. बीआर पुजारी एवं रंजन मिश्रा जिला कार्यक्रम प्रबंधक जिला बीजापुर के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के अंतर्गत चिन्हांकित एवं लाक्षणिक बच्चों का शासन के द्वारा निर्धारित उच्च संस्थान शासकीय मेडिकल कॉलेज जगदलपुर व मेडीशाइन अस्पताल रायपुर में सफलतापूर्वक इलाज कराया गया। जिसमें यश तामड़ी उम्र 16 दिन (पुरूष) पिता महेन्द्र तामड़ी, ग्राम-गुनलापेटा भोपालपटनम, बिमारी का नाम-जन्मजात पैर की विकृति 1 अप्रैल 2024 को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भोपालपटनम में बाएं पैर के जन्मजात पैर की विकृति के बच्चे का जन्म हुआ जिसे देखकर बच्चे के माता पिता को दुःख हुआ किंतु चिरायु टीम द्वारा उन्हें समझाया गया कि इस तरह के बच्चों का सफल उपचार होता है और वह बाकी बच्चों की तरह सामान्य जीवन यापन करेगा उसके पश्चात् 23 अप्रैल 2024 को मेडिकल कॉलेज जगदलपुर में डॉ. चेलापति राव (बीएमओ भोपालपटनम) के मार्गदर्शन में चिरायु टीम के द्वारा कास्टिंग प्रोसिजर (पीओपी) कराया गया। इसी तरह नीला वाचम उम्र 09 वर्ष (बालिका) पिता मोती राम, ग्राम-जारामरका भैरमगढ़ जन्मजात कटे होंट से पीड़ित थी जिसे 20 मई 2024 को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भैरमगढ़ की चिरायु टीम का दौरा कन्या रेसीडेंसियल बेदरे में हुआ जहां पर नीला वाचम नामक बच्ची जन्मजात कटे-फटे होंठ से ग्रसित थी चिरायु टीम द्वारा माता पिता को समझाया गया कि इस प्रकार के बच्चों का सफल उपचार होता है और वह बाकी बच्चों की तरह सामान्य जीवन यापन करेगी उसके पश्चात 25 मई 2024 को मेडीशाइन अस्पताल में डॉ. रमेश तिग्गा (बीएमओ) भैरमगढ़ के मार्गदर्शन में चिरायु टीम के द्वारा सर्जरी कराया गया।
उक्त दोनो बच्चों के बेहतर इलाज कर सामान्य बच्चों की श्रेणी में लाने के लिए चिरायु की टीम को बच्चों के माता-पिता ने खुशी जाहिर करते हुए टीम को धन्यवाद दिया।‌ बीजापुर जिले में बच्चों को बेहतर ईलाज और जन्मजात विकृति को दूर करने उच्च संस्थाओं में भेजा जाता है ताकि जन्मजात विकृत एवं अन्य गंभीर बीमारी से ग्रस्त बच्चों को सामान्य बच्चों की श्रेणी में लाने के लिए बेहतर कार्य कर रही है।

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