Home Blog गरीब और मध्यमवर्गीय पर कलेक्टर की कार्यवाही बड़े भू मफियाओ को अभयदान?

गरीब और मध्यमवर्गीय पर कलेक्टर की कार्यवाही बड़े भू मफियाओ को अभयदान?

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Collector’s action against poor and middle class is protection to big land mafias?

लिंगियाडीह मे शासकीय भूमि 54/1 भू माफियाओ के कब्जे मे जिसकी शिकायत जनवरी 2024 मे हुई उस पर कार्यवाही नहीं?

Ro.No - 13672/156

बिलासपुर :- बिलासपुर मे इस समय कलेक्टर अवनीश शरण की शासकीय भूमि मे अवैध कब्जे को लेकर कार्यवाही बड़े चर्चा मे है शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर लगातार कार्यवाही की जा रही है वो चाहे मोपका का 993 खसरा हो या खमतराई का 551 खसरा की कार्यवाही का हो शासकीय भूमि पर कब्जा खाली कराया जा रहा है और जिन्होंने इसे बेचा उस पर एफ आई आर भी कराई जा रही है जिससे ऐसा लगता है की बिलासपुर के शासकीय भूमि को अब बचाने की मुहीम जो रंग ला रही है जिसकी सराहना आमजनता के बीच बनी हुई है लेकिन इसका दूसरा पहलू आमजनता को शायद पता नहीं है जिसका उन्हें जानना बहुत जरूरी है।

दूसरा पहलू गरीब, मध्यमवर्गीय पर कार्यवाही भू माफियाओ को अभयदान :-

बिलासपुर कलेक्टर से लेकर नगर निगम कमीशनर, एस डी एम, पुलिस सब मिलकर एक बड़ी कार्यवाही इस समय चला रहे है जो शासकीय भूमि है उन्हें चिन्हकित करके खाली कराना और बेचने वाले पर एफ आई आर करना लेकिन ये सब कार्यवाही उन लोगो पर हो रही है जो गरीब है मध्यमवर्गीय है जो किसी न किसी चंगुल मे फंस कर जमीन का अवैध कारोबार करने वाले मे फंस गए है अब न तो उनके पास जमीन बची और जो पैसा देकर खरीदा वो गया सो अलग एक कहावत याद आ रही है ये लोग न घर के रहे और न घाट के लेकिन ये बड़े अधिकारी बड़े माफियाओ के चंगुल से शहर के बीचो बीच करोड़ो की कीमती शासकीय भूमि को. बचाने मे असफल नजर आ रहे है या कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त, एस डी एम,पुलिस इन किसी भी प्रकार की कार्यवाही करने के पक्ष मे नजर आ रही है?

लिंगियाडीह खसरा नंबर 54/1 करोड़ो की शासकीय भूमि मे भू माफियाओ का कब्जा :-

बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र और बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के. अंतर्गत आने वाला ये लिंगियाडीह जिसमे शासकीय भूमि 54/1 जो करोड़ो की कीमती भूमि है जिसको कुछ बड़े भू माफियाओ ने दूसरे खसरे का दिखा कर कब्जा किया हुआ है जिसकी शिकायत जनवरी 2024 को को कलेक्टर बिलासपुर, एस डी एम बिलासपुर को किया गया था लेकिन आज पुरे दस माह बीत जाने के बाद भी इस करोड़ो की शासकीय भूमि को मुक्त नहीं कराया गया इससे ऐसा प्रतीत होता है की गरीब मध्यमवर्गीय पर तो शासन, प्रशासन, पुलिस एक मत होकर कार्यवाही करने मे देरी नहीं करते लेकिन जंहा बड़े लोग अवैध कब्जा करके रखे हुए है वहा इनके कार्यवाही करने मे हाथ पैर फुलने लगते है?

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