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रंग बिरंगी आतिशबाजी से आसमान हुआ सतरंगी छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर 11 हजार दीपों से रौशन हुआ एकात्म पथ

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The sky became colourful with colourful fireworks. On the foundation day of Chhattisgarh state, Ekatma Path was illuminated with 11 thousand lamps.

रायपुर :

Ro.No - 13672/156

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रमिकों और सफाईकर्मियों को मिठाईयां और उपहार देकर बांटी दीपोत्सव और राज्योत्सव की खुशियां

छत्तीसगढ़ राज्य की 24 वीं वर्षगांठ और दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय नया रायपुर के एकात्म पथ पर आयोजित 11,000 दीपों के प्रज्ज्वलन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने मंत्रोच्चार के बीच विधि विधान से दीप प्रज्ज्वलित कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। यह आयोजन राज्य की सांस्कृतिक धरोहर और एकता का प्रतीक है, जिससे छत्तीसगढ़ की संस्कृति को प्रदर्शित किया गया । दीपों की रौशनी से नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ, जो राज्य के गौरव को बढ़ाएगा ।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू, गुरु श्री खुशवंत साहेब, श्री इंद्र कुमार साहू, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद और श्री बसव राजू एस.सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

इस मौके पर एकात्मपथ में 11 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए गए। छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर नया रायपुर के कार्यक्रम में दीप प्रज्ज्वलन के साथ शानदार आतिशबाजी और रंग-बिरंगी लाइटों ने सभी को रोमांचित कर दिया। इस अवसर पर मधुर संगीत की धुनों ने माहौल को और भी मनोरम बना दिया। स्थल पर आकर्षक रंगोली सजाई गई थी, और स्थापना दिवस के प्रतीक चिन्हों के साथ सेल्फी पॉइंट पर लोगों ने सेल्फी लेकर खुशी जताई।
इस अवसर पर नवा रायपुर में नवनिर्मित सीबीडी रेलवे स्टेशन के पास आयोजित कार्यक्रम में और एकात्मपथ पर श्रमिकों और सफाईकर्मियों को दीपावली के उपलक्ष्य में मिठाईयां वितरित कर शुभकामनाएं दीं।

छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना 1 नवंबर 2000 को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व में मध्य प्रदेश से अलग करके की गई थी, यह राज्य पुनर्गठन भारत के राजनीतिक और प्रशासनिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

छत्तीसगढ़ की स्थापना के पीछे का मुख्य उद्देश्य इस क्षेत्र में विकास की गति को तेज करने के साथ यहां की विशिष्ट सांस्कृतिक और भाषाई पहचान को मान्यता देना और लोगों को बेहतर प्रशासनिक सुविधा प्रदान करना था।

आज, राज्य अपनी 24वीं स्थापना वर्षगांठ मना रहा है और अपनी समृद्ध संस्कृति और विविधता के साथ देश की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह दिन राज्य के लोगों के लिए गर्व और उत्सव का अवसर है।

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