Name found: Model Anganwadi, fans installed but no light, Women and Child Development Officer in AC
अंडरवाटर लाइन कहां है दिखता नहीं दौरे कहां हो रहा जिम्मेदारों पर उठ रहा सवाल
बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण विभाग महिला बाल विकास विभाग समय-समय पर गर्भवती महिलाओं का शिशु बच्चों का अन्य योजना के माध्यम से जनहित के कार्य किए जाते हैं। बीजापुर में इन दिनों मॉडल आंगनबाड़ी से जुड़ी एक खबर है जिसमें अजीबोगरीब विभाग की भूमिका दिख रहा। दूसरी ओर जहां जिम्मेदार अधिकारीयों से जानकारी निकल कर आता है। जिले में कभी इस क्षेत्र में कभी उस क्षेत्र का दौरा किया जाता है। वही आंगनबाड़ीयों में पोषण आहार के साथ तमाम सुविधाएं शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं के तहत पर दिया जा रहा, हकीकत कुछ और ही भले ही कागजातों और सरकारी फाइलों में विकास और सुविधाएं देने की बात होती रही हो पर धरातल में तस्वीर कुछ अलग दिख रहा हम बात कर रहे हैैं।
शहरी क्षेत्र के मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों की विभागीय अधिकारियों की समय सीमा के बैठकों में बताया जाता है पर आखिर पिछले कितने वर्षों से मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र बनाए गए तब से बिजली के वायरिंग हुए भवनों में पर सूत्र कहते हैं कि 1 साल पहले इन आंगनबाड़ियों में पंखे भी लटके ताकि गर्मियों के दिन बच्चों को ठंडी हवा मिले। किसे पता था आंगनबाड़ियों में बच्चे भेज रहे परिवारों को वहां लगे उन पंखों में लाइट नहीं मौसम चाहें कोई भी हो, इससे महिला बाल विकास विभाग प्रमुख को कोई सरोकार नहीं, पिछले 1 साल से बिना घमे लटके पर किसी को कानों-कान खबर नहीं क्योंकि अधिकारी कर्मचारी ऑफिस में ऐसी की हवा और पंखों के साथ ही कुलर की हवा खाते काम निपटा रहे पर जिन बच्चों के लिए अधिकारी काम कर रहे हैं वही आंगनबाड़ीयों में लाइट नहीं और ना ही पंखे चल रहे हैं।
दूसरी और पानी की सुविधा के लिए पिछले कुछ आंगनबाड़ियों में अंडर वॉटर कनेक्शन किया गया जिसमें लगे वाटर टंकी अब नहीं दिखता, कनेक्शनों के साथ एक जगह छोड़ बाकी टंकी हुआ गायब।
मॉडल आंगनबाड़ी बनाने के पीछे प्रशासन की क्या मनसा थी पर अब धरातल की स्थिति देखकर शासकीय योजना का लाभ किस तरह मिल रहा है अपने आप में सवालों के घेरे में महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों की भूमिका लग रही है।
रंगाई पोताई में भी हुआ बड़े पैमाने पर अनियमितता तस्वीरें कर रही है रंगाई पोताई व निर्माण महज दिखावा।
इस संबंध में मीडिया को महिला बालविकास अधिकारी प्रीति खोखर चखियार ने बाइट देने से किया इन्कार।



