Home Blog ’कड़ी मेहनत और राज्य शासन की पारदर्शितापूर्ण परीक्षा प्रणाली ने दिलाई सफलता’

’कड़ी मेहनत और राज्य शासन की पारदर्शितापूर्ण परीक्षा प्रणाली ने दिलाई सफलता’

0

‘Hard work and the transparent examination system of the state government brought success’

छ.ग. लोक सेवा आयोग में सफल प्रतिभागियों ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा

Ro.No - 13672/156

चयनित अधिकारियों ने कलेक्टर से की सौजन्य भेंट

उत्तर बस्तर कांकेर 03 दिसम्बर 2024/ परिश्रम का कोई विकल्प या शॉर्टकट नहीं होता, क्योंकि सही दिशा में किए गए प्रयासों को एक न एक दिन कामयाबी जरूर मिलती है। छत्तीसगढ़ राज्य लोक सेवा आयोग ने वर्ष 2023 में पूरी तरह से पारदर्शिता और निष्पक्षता अपनाते हुए परीक्षाएं आयोजित की, जिसका प्रतिफल यह रहा कि योग्य और प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों को सिविल सेवा में अवसर मिला। राज्य पीएसएसी-2023 की प्रतियोगी परीक्षा में ऐसे अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, जिन्होंने वास्तव में कठोर परिश्रम, लगन और लक्ष्य को हासिल करने के जुनून के खुद को साबित किया। साथ ही उक्त परीक्षा परिणाम ने यह सिद्ध किया कि होनहार और प्रतिभाशाली युवा पीढ़ी को उसकी योग्यता के अनुकूल स्थान मिला। इस बार की परीक्षा में ऐसे अभ्यर्थियों का चयन हुआ है जो वाकई उस पद के योग्य व उपयुक्त हैं, चाहे वह किसान परिवार से हो, या मजदूर अथवा साधारण शिक्षक हो।

छत्तीसगढ़ राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा वर्ष 2023 की सिविल सेवा भर्ती परीक्षा में जिले के चयनित अभ्यर्थियों ने आज जिला कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर से सौजन्य भेंट की। कलेक्टर ने सभी चयनित अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें शासन की मंशानुसार दायित्वों का निर्वहन करते हुए उत्कृष्ट सेवाएं देने की बात कही। इस दौरान सफल अभ्यर्थियों ने परीक्षा की तैयारियों को लेकर अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार ने राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षा प्रणाली में निष्पक्षता और पारदर्शिता का पूरा खयाल रखा। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में उनकी कड़ी मेहनत और लगन रंग लाई, जिसके सकारात्मक व सुखद परिणाम सबके सामने है।

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में जिले के ग्राम बारदेवरी निवासी सुश्री निधि प्रधान का चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ है। उन्हांने बताया कि वह गुरूघासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर में एन्थ्रोपोलाजी विषय से स्नातक किया। सुश्री निधि ने कहा कि यह कामयाबी प्रथम प्रयास में ही मिली है और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के द्वारा उक्त प्रतियोगी परीक्षा में निष्पक्षता व पारदर्शिता का विशेष तौर पर ध्यान रखा गया, इसके लिए उन्होंने आभार प्रकट किया। इसी तरह भानुप्रतापपुर ब्लॉक के ग्राम मोहगांव निवासी सुश्री तनुजा बेलसरिया ने बताया कि उनका चयन महिला एवं बाल विकास अधिकारी के पद पर हुआ है। उन्होंने बताया कि राज्य पीएससी की पिछली परीक्षा में आशानुरूप परिणाम नहीं आने से वह निराश व हतोत्साहित हो गई थीं, किन्तु वर्तमान राज्य सरकार ने हम अभ्यर्थियों की मेहनत को पहचाना और पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षा प्रणाली लागू की, इसके लिए प्रदेश सरकार के प्रति उन्होंने आभार माना।

अधीनस्थ सेवा लेखा अधिकारी के तौर पर चयनित सुश्री दीप्ति कुजूर ने बताया कि वह प्राथमिक शाला सिंगारभाट में शिक्षक के तौर पर पदस्थ रहीं। एमएससी (कृषि) की शिक्षा प्राप्त करने वाली सुश्री कुजूर ने बताया कि पिछली प्रतियोगी परीक्षाओं में उन्हें अपेक्षाकृत सफलता नहीं मिली लेकिन वर्ष 2023 की परीक्षा में आशातीत परिणाम मिले। उन्होंने पारदर्शितापूर्ण परीक्षा के लिए साय सरकार के प्रति आभार प्रकट किया। इसके अलावा ग्राम माटवाड़ा लाल निवासी श्री रूपेन्द्र सोनेवरा (सहकारिता विस्तार अधिकारी) गौतम ठाकुर (सहायक पंजीयक) ने राज्य सेवा परीक्षा के निष्पक्षतापूर्ण परिणाम के लिए प्रदेश सरकार का आभार प्रकट करते हुए कहा कि इससे हुनरमंद युवाओं को आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त होगा। उल्लेखनीय है कि सीजीपीएससी में जिले के 07 अभ्यर्थियों को सफलता मिली है। इनमें पखांजूर के श्री मनीष बघेल का चयन डिप्टी कलेक्टर, ग्राम जैसाकर्रा चारामा के मोहित कुमार का चयन अधीनस्थ सेवा लेखा अधिकारी के तौर पर हुआ है। राज्य के उच्च पदों पर चयनित होने के लिए कलेक्टर श्री क्षीरसागर और जिला पंचायत के सीईओ श्री हरेश मण्डावी ने बधाई देते हुए पदीय दायित्वों का श्रेष्ठ निर्वहन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here