Mahtari Vandan brings sweetness in the relationship between mother-in-law and daughter-in-law
रायपुर / प्रदेश सरकार की फ्लैगशिप महतारी वंदन योजना से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। इस राशि से वे अपनी छोटी-मोटी जरूरतों को भी पूरा कर रही है। यह योजना जरूरतमंद महिलाओं की जिंदगी बदलने से लेकर रिश्तों में आई कड़वाहट को भी मिठास में बदल रही है। अमूमन यह कहा जाता है कि सास और बहू के रिश्ते में खटास आ ही जाती है। लेकिन इस योजना ने इस खटास को भी मिठास में बदल दिया है।
महासमुंद विकासखण्ड के ग्राम बेमचा की रहने वाली शैलेन्द्री धु्रव की बहू गेस कुमारी एक ही घर में एक ही छत के नीचे खुशी-खुशी से जीवन यापन कर रही है। पिछले तीन वर्षों से बहू उनके साथ रह रही है। अभी वर्तमान में उनके यहां नया मेहमान भी आने वाला है। गरीबी और आर्थिक परिस्थितियों से जूझ रहे इस परिवार के लिए दो हजार रुपए प्रतिमाह की आवक बड़ी राशि है। इससे दैनिक खर्च के अलावा छोटी-मोटी स्वास्थ्यगत समस्याओं का भी समाधान आसानी से हो जाता है। हालांकि दोनों के बीच कभी अनबन नहीं रही। सास शैलेन्द्री धु्रव हमेशा बेटी की तरह ही अपनी बहू को लाड़-प्यार करती है। यह संयोग ही है कि जैसे महतारी वंदन योजना की शुरूआत हुई वैसे ही घर में नए मेहमान आने की सुखद समाचार भी मिला, जिससे घर में खुशियों का लहर दोगुना हुआ। अभी उनकी बहू गेस कुमारी के यहां नए मेहमान दस्तक देने वाला हैं। उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में उनका नियमित चेकअप, खानपान और स्वास्थ्य की देखभाल करना जरूरी हो जाता है। महतारी वंदन की राशि जो हर माह नियमित रूप से मिल जाती है, उससे सास के रूप में मेरी चिंता दूर हुई। मेरे पति और बेटे कृषि और मजदूरी कर जीवन यापन चलाते हैं। ऐसी परिस्थिति में इस राशि का कितना महत्व है यह हमसे बेहतर कोई नहीं बता सकते। उन्होंने राज्य के मुखिया विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस योजना से आर्थिक मजबूती के साथ-साथ रिश्तों में मिठास आई है।
ज्ञात है कि इस योजना से 12 हजार रुपए वार्षिक वित्तीय सहायता विवाहित महिलाओं के खाते में (प्रतिमाह एक हजार रूपए) दी जा रही है। महासमुंद जिले में कुल 3 लाख 26 हजार महिलाओं को लाभ मिल रहा है। शासन द्वारा 10 किस्तों का भुगतान किया जा चुका है।



