Home Blog खरीदी लिमिट नहीं बढा तो नहीं बेच पायेंगे किसान धान

खरीदी लिमिट नहीं बढा तो नहीं बेच पायेंगे किसान धान

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If the purchase limit is not increased then farmers will not be able to sell paddy

पुसौर /  प्रत्येक धान खरीदी केन्द्रों में षासन द्वारा एक लिमिट बनाया गया है जिसके सीमा में ही संबंधित धान खरीदी केन्द्र धान खरीदी कर सकता है उससे अधिक नहीं। यह व्यवस्था खरीदी केन्द्र के किसानों की संख्या, हमाल की व्यवस्था एवं वहां के धान के रकबा के आधार पर तय किये जाने की बात कही जाती है लेकिन 14 नवम्बर से 31 जनवरी तक के बीच अवकाष के दिन, हमाल की व्यवस्था सहित अन्य कारण की वजह से धान खरीदी न हो पाने से या तो लिमिट बढाना आवष्यक है या फिर खरीदी तारीख को बढाना आवष्यक है। उक्त तथ्य की जानकारी बिते दिनांक को छातामुरा धान खरीदी केन्द्र के फड प्रभारी नवल पटेल जो यहां के पार्शद भी है इनके जरिये प्राप्त हुआ। इनका कहना है कि जब 14 नवम्बर से खरीदी कार्य प्रारंभ हुआ उसके लगभग 20 दिन बाद ही किसान धान लेकर आये इसके बाद सरकारी छुट्टी एवं हमालों की व्यवस्था आदि के चलते सप्ताह में 3 से 4 दिन ही खरीदी हो पा रहा है ऐसे स्थिति में समुचे किसानों के निर्धारित लक्ष्य के आधार पर धान खरीदी करने के लिये समय अथवा लिमिट को बढाना आवष्यक होगा। उक्त केन्द्र में बहरहाल 30 प्रतिषत ही धान खरीदी हो पाई है जहां दो गांव छातामुरा और सहदेव पाली के 209 किसान हैं जो सेवा सहकारी समिति गढउमरिया के अंतर्गत आता है। इसी तर्ज पर गढउमरिया सोसायटी के समिति प्रबंधक नवल पटेल ने बताया कि समुचा धान खरीदी कार्य हमालों के जरिये ही होता है यदि इनकी संख्या ठीक रही तो कांटा तौल नियमित रहता है अन्यथा कांटा तौल की संख्या घट जाती है जिससे खरीदी कार्य में बाधा उत्पन्न होता है। बिते 1 जनवरी 25 को सभी हमाल गण खुषिया मनाने के इरादे से किसी ने धान तौलाई में षामिल नहीं हुये जिससे पटेलपाली, कोडातराई, छातामुरा सहित अन्य कई केन्द्रों में धान तौलाई नही हुई इस प्रकार खरीदी कार्य बंद रहा। ज्ञात हो कि कुछ ही दिन बाद पुसपुनी है उसके बाद मकर संक्रान्ति सहित अन्य छुट्टियां है जिससे खरीदी कार्य बंद होगा ऐसे स्थिति में षासन के षिर्शस्थ लोगों को यह सोचना आवष्यक है कि खरीदी के लिमिट बढायें या खरीदी के तारीख।

Ro.No - 13672/156

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