Electricity reached Bhainsamuda after 77 years of independence, wave of happiness among the villagers
रायपुर / आजादी के 77 वर्षों बाद गरियाबंद विकासखंड के वन क्षेत्र में बसे आश्रित ग्राम भैंसामुड़ा के बिजली से रौशन हो उठे है। परंपरागत बिजली से गांव रोशन होने पर ग्रामीणों में उत्साह और खुशी का माहौल है। अभी तक इस गांव में सौर ऊर्जा बिजली की जरूरत पूरी हो रही थी। भैंसामुड़ा में बिजली पहुंचने से ग्रामीणों की कई कार्यो में सहजता से पूरा करने में मदद मिलेगी। गांव तेजी से विकास की ओर अग्रसर होगा।
प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति समूहों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से ग्राम भैंसामुड़ा में सर्वे किया गया। इसके बाद गांव में 25 केवीए ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया। 874 मीटर 11 केवी लाइन और 620 मीटर एलटी लाइन बिछाई गई। इस कार्य से 24 घरों को परंपरागत बिजली कनेक्शन प्रदान किया गया।
बिजली पहुंचने के साथ ही ग्रामीण अब बरसात में जंगली जानवरों और सांप-बिच्छुओं के डर से बेफिक्र हो गए हैं। बिजली की रोशनी से उनके दैनिक कार्य आसान हो गए हैं, साथ ही धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में भी सुविधा हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने उनके जीवन में बड़ी सुविधा दी है, जिससे अब उनके जीवन की कई समस्याएं खत्म हो जाएंगी।




