Delay in construction of bridge on Narkalo-Bayasi road upsets public
मांड नदी पर अधूरा पुल: जिम्मेदारों की लापरवाही या मिलीभगत?
रायगढ़। नरकालो से बायसी मार्ग पर मांड नदी पर बनने वाले पुल का निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा से लगभग दो साल बाद भी अधूरा पड़ा है। लगभग 294 मीटर लंबाई और 11 स्पान वाले इस पुल का निर्माण कार्य न केवल धीमा है बल्कि अब तो कार्य भी रुका हुआ है। पुल के कॉलम में लगे लोहे के सरिए जंग खा रहे हैं, जिससे इसकी गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
13 करोड़ की स्वीकृति, लेकिन काम अधूरा
मिली जानकारी के अनुसार इस पुल के लिए 23 फरवरी 2021 को प्रशासन ने 13 करोड़ 85 लाख 13 हजार रुपये की स्वीकृति दी थी। कार्य की लागत 10 करोड़ 57 लाख रुपये निर्धारित की गई थी और 14 जनवरी 2022 को ठेकेदार को कार्यादेश जारी कर दिया गया। इसे 13 अप्रैल 2023 तक पूरा होना था, लेकिन अभी तक पुल का निर्माण अधर में लटका हुआ है।
काम बंद, जनता को परेशानी
लंबा समय बीत चुका है, लेकिन निर्माण कार्य ठप पड़ा हुआ है। इलाके के लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, शासन ने ग्रामीणों की सुविधा के लिए करोड़ों की लागत से पुल निर्माण की स्वीकृति दी है।
लापरवाही या मिलीभगत?
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल निर्माण में लापरवाही की हदें पार हो चुकी हैं। विभाग के जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार इस देरी पर चुप्पी साधे हुए हैं। क्या यह प्रशासनिक लापरवाही है, या फिर भ्रष्टाचार का मामला?
जनता ने उठाई जांच की मांग
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। जल्द ही निर्माण कार्य पूर्ण करने की मांग किया जा रहा है।अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग और प्रशासन इस मुद्दे पर क्या कदम उठाते हैं, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?




