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शासकीय कार्य में एआई के उपयोग और संभावित लाभों के प्रति किया गया जागरूक

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Awareness created about the use and potential benefits of AI in government work

राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेस (एआई) पर एक दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न

Ro.No - 13672/156

प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने लिया कार्यशाला में भाग

रायपुर / इलैक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अन्तर्गत छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) के द्वारा राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर एक दिवसीय कार्यशाला का आज आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, श्री बसवा राजु, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री कमल प्रीत सिंह, तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव श्री एस.भारतीदासन, उर्जा विभाग के विशेष सचिव श्री अंकित आनंद, एन.आर. डी.ए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सौरभ कुमार, आई. जी. श्री राम गोपाल गर्ग सहित 100 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया । कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका सिंह बारिक ने कहा कि तीव्र गति से परिवर्तित टेक्नालॉजी के इस दौर में राज्य के अंतिम व्यक्ति तक सुशासन की पहुँच बनाने के लिए इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की जानकारी इस कार्यशाला में दी जायेगी ।

श्रीमती निहारिका सिंह बारिक ने कहा कि ए.आई. तकनीक हमारी सोच से अधिक गति से परिवर्तन ला रहा है । ए.आई. से हमारी अनेक समस्याओं का त्वरित समाधान प्राप्त किया जा सकता है और शासकीय सेवा वितरण एवं नीति निर्माण में भी इसका प्रभावी उपयोग किया जा सकता है । इन्हीं कारणों से आज की इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है ।

कार्यशाला के प्रथम सत्र के समापन पर उपस्थित समस्त वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को धन्यवाद प्रेषित करते हुए चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभात मालिक ने कहा कि एआई तकनीक का उपयोग शासन और प्रशासन में दक्षता बढाने एवं त्वरित निर्णय लेने में किया जा सकता है । इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य शासकीय कार्यों में प्रौद्योगिकी के समुचित उपयोग को प्रोत्साहित करना है ।

नई दिल्ली से आये एआई के विशेषज्ञ डॉ. शिवा कक्कर ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए बताया कि विश्व में सर्वप्रथम टेक्नॉलाजी का उपयोग टेक्सटाईल उद्योग में किया गया। वर्ष 2022 के पश्चात सम्पूर्ण विश्व में एआई तकनीक का तीव्र गति से विस्तार हुआ । डॉ. शिवा ने बताया कि पहले यह माना जाता रहा है कि तकनीक के प्रयोग से रोजगार के अवसर कम होते हैं , परंतु वास्तविकता यह है कि नवीन तकनीक के माध्यम से नवीन कौशल को ज्यादा रोजगार प्राप्त होता है । कार्यशाला में एआई तकनीक के श्रेष्ठ उपयोग की जानकारी देते हुए डॉ. शिवा कक्कर ने चैट जीपीटी, मैटा, गूगल नोट बुक एल.एम्. जैसे अन्य प्रासंगिक एवं उपयोगी टूल्स की विस्तृत जानकारी प्रदान की ।

कार्यशाला के समापन पर धन्यवाद प्रस्तावित करते हुए चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभात मलिक ने बताया कि चिप्स द्वारा इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के विभिन्न विषयों पर प्रतिमाह कार्यशालाओं का आयोजन किया जायेगा । राज्य के विभाग अपने कार्यक्षेत्र से सम्बंधित विशेष विषयों का चयन कर चिप्स को सूचित करें तो उस विषय पर भी चिप्स द्वारा कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा । इस अवसर पर चिप्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शशांक पाण्डेय और संयुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अनुपम आशीष टोप्पो भी विशेष रूप से उपस्थित रहे ।

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