70 percent of the museum construction work is complete, a tableau of tribal rebellion during the British period will be seen in Nava Raipur, a water fountain will be built near the main gate
हल्बी या गोंडी बोली में लिखा जाएगा संग्रहालय का नाम
प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने किया निरीक्षण, कार्य में तेजी लाने के दिए निर्देश
रायपुर, छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण की स्मृति में नवा रायपुर में पुरखौती मुक्तांगन के समीप निर्माणाधीन जनजातीय संग्रहालय का 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इस संग्रहालय में अंग्रेजी हुकुमत के दौरान हुए जनजातीय विद्रोहों की झांकी का निर्माण किया जा रहा है।
आदिम जाति, अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने निर्माणाधीन संग्रहालय का आज निरीक्षण किया और संग्रहालय निर्माण की धीमी गति पर अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने संग्रहालय के शेष कार्य गुणवत्ता के साथ जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों, ठेकेदारों और क्यूरेटर का एक दल बनाकर एक-एक गैलेरी का कार्य उत्कृष्ट गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि संग्रहालय के आस-पास जल जमाव की स्थिति निर्मित न हो, इस पर विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। उन्होंने मुख्यद्वार के पास वाटर फॉउटेन भी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने संग्रहालय का नाम हल्बी एवं गोंडी बोली में भी अंकित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संग्रहालय के भीतर लगने वाली दुकानों को ट्राइफेड को दिए जाने के संबंध में कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संग्रहालय परिसर सौर ऊर्जा से उत्पन्न विद्युत से जगमगा सके, इसे ध्यान में रखते हुए सोलर प्लांट स्थापना की जाए। इस अवसर पर आदिम जाति विकास विभाग के आयुक्त श्री पदुम सिंह ऐल्मा सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।




