नगरीय निकायों में स्थापित होंगी प्रतिमाएं, भाजपा नेता प्रशांत सिंह ठाकुर ने फैसले का किया स्वागत
जांजगीर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के संभागीय और जिला मुख्यालयों के नगरीय निकायों में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमाएं स्थापित करने का निर्णय लिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस योजना के लिए 10 करोड़ 60 लाख रुपये की स्वीकृति भी प्रदान कर दी है। यह निर्णय उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव की घोषणा के अनुपालन में लिया गया है।
सरकार के अनुसार आगामी 6 जुलाई को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर उनके राष्ट्र निर्माण और राष्ट्रीय एकता में योगदान को स्मरण करते हुए यह पहल की जा रही है। शासन का उद्देश्य नई पीढ़ी को उनके जीवन, विचारों और बलिदान से परिचित कराना है।
इस निर्णय का स्वागत करते हुए भाजपा नेता प्रशांत सिंह ठाकुर ने इसे सुशासन सरकार का ऐतिहासिक फैसला बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। जम्मू-कश्मीर में लागू परमिट व्यवस्था के विरोध में उन्होंने आंदोलन का नेतृत्व किया और इसी दौरान हिरासत में उनका निधन हो गया।
प्रशांत सिंह ठाकुर ने कहा कि “एक देश में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान नहीं चलेगा” का उनका उद्घोष आज भी राष्ट्रहित के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि उनकी स्मृतियों को स्थायी बनाए रखने के लिए प्रदेश सरकार का यह निर्णय सराहनीय है।
भाजपा नेता ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के प्रति आभार भी व्यक्त किया।



