The development model held in both the hands of OP got huge support from the public, Aiti Oti Charo Koti OP OP OP OP….
विकास की राजनीति….ओपी के इस प्रभावी नारे पर लगाई रायगढ़ की जनता ने मुहर
एक ही राजनीति विकास की राजनीति ओपी के इस नारे से कांग्रेस का किला ध्वस्त हो गया और रायगढ़ की जनता ने ओपी चौधरी पर विश्वास जताते हुए भाजपा को एतिहासिक मतों से जीत का आशीर्वाद दिया। ओपी के विकास मॉडल का जनता जवाब नहीं दे पाई। विधान सभा जितने के एक बरस बाद ही ओपी ने चारों तरफ विकास की पटरिया बिछा दी इसके लिए जनता को महापौर के रूप में तीसरी इंजन की सरकार बनाने में कोई परेशानी नहीं हुई । शिक्षा के क्षेत्र में नालंदा परिसर, प्रयास विद्यालय,हॉर्टिकल्चर कॉलेज,किसानों के लिए केलो बांध के लिए नहरें,कला प्रेमियों के लिए संगीत महाविद्यालय,खिलाड़ियों के लिए बॉक्स क्रिकेट एवं नेट बैडमिंटन के साथ स्पोर्ट्स कॉम्पेल्स,पर्यटन के नजरिए से पहाड़ मंदिर को अत्याधुनिक तरीके से विकसित करना,पर्यावरण के नजरिए से इतवारी बाजार को ऑक्सी जोन में तब्दील करना,इन्फ्रास्टचर के लिए गुणवत्ता पूर्वक सड़को का निर्माण, भू जल को बनाए रखने के लिए तालाबों का संरक्षण समेत हर क्षेत्र में ओपी चौधरी के विकास मॉडल ने आम जनमानस के मन को छुआ है यही वजह है कि निगम में पहली बार न केवल भाजपा के महापौर प्रत्याशी जीवर्धन को एतिहासिक मतों से जीत मिली बल्कि 48 वार्डो में दो तिहाई पार्षद भाजपा से विजयी हुए। चारों को माहौल भाजपा मय हो गया। विकास के साथ साथ ओपी ने महापौर प्रत्यासी के चयन में भी प्रत्याशी के ईमानदार शैली को जितना महत्व दिया जनता ने ओपी के इस निर्णय को सर आंखों पर लिया। जीवर्धन को पसंद करने की वजह बताते हुए ओपी ने कहा विकास के लिए ईमानदार प्रयासों की जरूरत है यह अपील आम जनता पर असर कर गई। पहली बार भाजपा गुटीय राजनीति की प्रेत बाधा से मुक्त नजर आई। कांग्रेस भूखी बिल्ली की तरह भाजपा में गुटबाजी की राह ताकती रही लेकिन तमाम वरिष्ठ नेताओं के पसंदीदा प्रत्याशियों को पार्षद को टिकट देकर ओपी ने गुटीय राजनीति को लगभग खत्म ही कर दिया। प्रत्याशी चयन के मामले में ओपी की सियासी चतुराई ने कांग्रेस के खिलाफ असंतोष में घी का काम किया । चाय बेचने वाले को महापौर प्रत्याशी बनाकर ओपी ने पहली बाल में छक्का जड़ दिया मैदान जाते इस छक्के को कांग्रेस मैदान से निहारती रह गई। ओपी यही नहीं रुके महापौर हेतु प्रत्याशी के रूप में चयन के साथ जीवर्धन का चाय बनाते हुए वीडियो वायरल कर जीवर्धन को रातो रात पॉलिटिकल स्टार बना दिया। उसके बाद गृह मंत्री विजय शर्मा ने वीडियो वायरल किया वही सूबे के मुखिया विष्णु देव साय भी चाय वाले की टपरी पहुंचे और अपना प्रचार किया। भाजपा की इस गर्म चाय ने कांग्रेस का मुंह जलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। ओपी की इस ठोस रणनीति के सामने कांग्रेस ने चुनाव के पहले ही घुटने टेक दिए यही वजह है भाजपा के महापौर प्रत्याशी जीवर्धन ने ऐतिहासिक मत हासिल किए। प्रत्याशी चयन में भाजपा में वरिष्ठ नेताओं की पसंद को तरहीज दी वही असंतुष्टों को मनाने के लिए भी ओपी ने एक एक व्यक्ति से संपर्क किया गया यही वजह है कि पहली बार 48 में दो तिहाई भाजपा पार्षदों ने जीत हासिल की। दो वार्ड में कांग्रेस के पार्षदों ने नाम वापस लेकर कांग्रेस को मानसिक दबाव में ला दिया। नामांकन दाखिल के बाद नाम वापसी हुई और इसके बाद भाजपा पार्षदों की जीत में रोड़ा हटाने वाले प्रभावशाली लोगों को तैनात किया गया। ओपी का विकास मॉडल ही चुनाव में सबसे प्रचार किया गया। प्रत्याशी चयन आक्रामक प्रचार विकास कार्यों का हिसाब देकर कांग्रेस से बार बार हिसाब पूछने के बाद भी कांग्रेस मौन रही यही वजह है विपक्ष किसी भी मोर्चे पर ओपी चौधरी को काउंटर नहीं कर पाया और ओपी मैदान के चारों ओर आक्रामक शैली में चौके छक्के लगाकर विरोधियों के हौसले पस्त कर दिए।



