Home Blog हांड़ीपानी,तोलमा बना पशुधन तस्करी का सेफ कोरिडोर,अंचल में गौ तस्कर सक्रिय

हांड़ीपानी,तोलमा बना पशुधन तस्करी का सेफ कोरिडोर,अंचल में गौ तस्कर सक्रिय

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Handipani, Tolma become safe corridor for cattle smuggling, cow smugglers are active in the area

रिपोर्टर सतीश शुक्ला लैलूंगा

Ro.No - 13672/156

लैलुंगा–छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार आने के पश्चात हिंदूवादी संगठनों और गौ रक्षकों ने पशुधन तस्करी पर लगाम लगाते हुए इस पर पूरा अंकुश लगा दिया था जिससे पूरे क्षेत्र में गो तस्करों में खौफ का माहौल था और तस्करी लगभग पूर्णतः बंद हो चुकी थी परंतु भाजपा सरकार के एक वर्ष बीत जाने के पश्चात इन दिनो लैलूंगा विकासखंड क्षेत्र के अलग-अलग गांव से गुजरते हुए अंतर्राज्यीय गौ तस्करी के कार्य को धड़ल्ले अंजाम दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ उड़ीसा सीमा से सटे सीमावर्ती इलाके हाड़ीपानी, तोलमा इन दिनों अंतरराजीय पशुधन तस्करी करने वालो का सबसे सुरक्षित स्थान बना हुआ है रोजाना रात में यहां हजारों की संख्या में पशुओं का जमावड़ा किया जाता है जिससे उड़ीसा क्षेत्र से लेकर झारखण्ड आदि राज्यों में पहुंचाया जाता है। चरखापारा, तमनार ,आमापाली, झगरपुर सहित अलग अलग क्षेत्रो से होते हुए व्यापक पैमाने पर विकासखंड क्षेत्र लैलूंगा के अलग-अलग गांव से गुजरते हुए गो वंश को आधी रात को क्रुरतापूर्वक हांकते हुए ले जाया जाता है।महीनो से चल रहे पशुधन तस्करी के काले धंधे में प्रशासन पूरी तरह से मूकदर्शक बनी हुई है।

लैलुंगा क्षेत्र के स्थानीय तस्कर भी शामिल

अंचल में रोजाना हो रहे भारी संख्या में अंतरराजीय गो तस्करी के काले खेल में क्षेत्र के लोकल तस्कर भी शामिल है वही कुछ तस्कर प्रति मुंडी के हिसाब से 200 रुपए की दर से रोजाना रास्ता पार कराने के नाम पर ठेका में काम करते है जिसमे सभी का खर्चा जुड़ा होता है।

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