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बस्तर पंडुम : जनजातीय रहन-सहन, पारंपरिक त्यौहार, खान-पान, वेशभूषा और कला प्रदर्शन का उत्कृष्ट मंच

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Bastar Pandum: An excellent platform for tribal lifestyle, traditional festivals, food, costumes and art performances

विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता दुर्गुकोंदल में हुआ संपन्न

Ro.No - 13672/156

उतर बस्तर कांकेर / प्रदेश सरकार की मंशानुसार पूरे बस्तर संभाग में बस्तर पंडुम मनाया जा रहा है। इसी क्रम में जिले के दुर्गुकोंदल ब्लॉक में आज विकासखंड स्तरीय बस्तर पण्डुम आयोजित किया गया जहां आदिवासी संस्कृति और परंपरा पर आधारित विभिन्न गतिविधियों का प्रदर्शन स्थानीय आदिवासियों के द्वारा किया गया।
आज दुर्गूकोंदल में बस्तर पंडुम का आयोजन किया गया, जिसमें दुर्गूकोंदल ब्लाक के विभिन्न क्षेत्रों से आए आदिवासी कलाकारों ने आकर्षक पारंपरिक वेशभूषा में आकर्षक प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जनजातीय बाहुल्य बस्तर संभाग की स्थानीय कला एवं संस्कृति को मूल स्वरूप में संरक्षण, संवर्धन एवं कला समूहों के सतत विकास एवं जनजातीय कलाकारों को प्रोत्साहित व सम्मानित करने के उद्देश्य से स्थानीय सामुदायिक भवन में सुबह 10 बजे से आयोजित किया गया। बस्तर पण्डुम उत्सव में जनजातीय नृत्य में प्रथम जय लिंगो आदिवासी मांदरी भिरावाही ,जनजातीय गीत में रजनी नरेटी एवं साथी प्रथम, जनजातीय नाट्य में प्रथम करिश्मा उसेंडी एवं साथी खुटगांव, स्थानीय वाद्य यंत्रों में प्रथम किशोर एवं साथी प्रथम स्थान पर रहे। इसी तरह जनजातीय कला व गोदना में घनिता मंडावी और साथी, जनजातीय वेशभूषा व आभूषण प्रदर्शन में संयोगिता एवं साथी, जनजातीय पेय पदार्थ व व्यंजन सल्फी, ताड़ी, छिंदरस, हड़िया, मांड़, चापड़ा चटनी आदि का प्रदर्शन कर हेमलता नरेटी खुटगांव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले सभी विजेता प्रतिभागियों को नगद दस हजार राशि देकर पुरस्कृत किया गया, साथ ही प्रमाण पत्र प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में समाज प्रमुख, सामाजिक कार्यकर्ता, क्षेत्र के गायता पटेल समाज प्रमुख सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन शामिल हुए।

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