Home Blog कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ी बोली में नेवता पाती भेजकर असाक्षरों को किया आमंत्रित

कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ी बोली में नेवता पाती भेजकर असाक्षरों को किया आमंत्रित

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The collector invited the illiterates by sending them invitation letters in Chhattisgarhi dialect

राष्ट्रव्यापी महापरीक्षा अभियान

Ro.No - 13672/156

25 हजार असाक्षर व्यक्ति अपने साक्षर होने का आकलन करने परीक्षा में होंगे शामिल

बिलासपुर / उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 23 मार्च 2025 को नवसाक्षरों के लिए मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन किया गया है। कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण श्री अवनीश शरण के मार्गदर्शन में उल्लास कार्यक्रम का संचालन जिले में किया जा रहा है। परीक्षा को लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है, चारों विकासखंड में 550 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं।

ग्राम के व्यक्तियों का चिन्हांकन असाक्षर के रूप में करने के पश्चात् पंजीयन किया गया है। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण से जिले के लिये 30 हजार असाक्षरों को साक्षर करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ था जिन्हें स्वयं सेवकों ने निःशुल्क 200 घंटे का अध्ययन कराया है जिसमें प्रवेशिका के सातों भाग शामिल है असाक्षरों को पढ़ना लिखना संख्यात्मक ज्ञान आदि की जानकारी दी गई है। जिसका आकलन एफऍएलएनएटी बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान का आकलन परीक्षा देना है। परीक्षा में 25 हजार असाक्षरों के शामिल होने कि संभावना है। परीक्षा का समय सवेरे 10 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है। इस बीच असाक्षर अपने काम धंधा को छोड़कर किसी भी समय परीक्षा केन्द्र में पहुच कर आकलन परीक्षा दे सकेंगे।

केन्द्रीय जेल के 140 असाक्षर बंदी महिला एवं पुरुष भी उल्लास साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत अपनी पढाई पूरी कर चुके है, जिन्हें ऐसे बंदी जो पढ़े लिखे हैं वे स्वयंसेवक बनकर उनके पढ़ने लिखने का काम किया है वे भी इस आकलन परीक्षा में शामिल होंगे। विदित हो कि 2011 के जनसांख्यिकी आंकडे को देखे तो बिलासपुर जिले में अभी भी साक्षरता का प्रतिशत 74.76 प्रतिशत है। शेष व्यक्क्तियों को साक्षर करने का कार्य केन्द्र सरकार द्वारा समय-समय पर विभिन्न योजनाओ के तहत किया जा रहा है। वर्तमान में 2027 तक पूरे देश को शत प्रतिशत साक्षर करने का कार्यक्रम चलाया जा रहा। जिला स्तर पर निरिक्षण दल का भी गठन किया गया है जो 10 बजे से 05 बजे तक पूरे समय परीक्षा केन्द्रों का निरिक्षण कर जायजा लेंगे। राष्ट्रीय साक्षरता केन्द्र प्रकोष्ठ से भी निरीक्षण करने के लिये अधिकारी की नियुक्ति की गई है जो परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण करेंगे।

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