Home Blog जुता-मोजा उतार कर परीक्षा कक्ष पहुंच रहे ओपन परीक्षार्थी

जुता-मोजा उतार कर परीक्षा कक्ष पहुंच रहे ओपन परीक्षार्थी

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Open students are reaching the examination hall by removing their shoes and socks

पुसौर / षाला अप्रवेषी अथवा बीच में पढाई छोडकर निजी काम करने वाले छात्रों को षिक्षा के मुख्य धारा में जोडने के लिये षासन द्वारा ओपन स्कुल परीक्षा का आयोजन पिछले कई सालों से किया जा रहा है जिसमें प्रतिवर्श सैकडों विद्यार्थी इसका लाभ लेकर अपने अपने मुकाम हासिल कर लिये हैं। उक्त परीक्षा में प्रायः वो छात्र षामिल होते जो प्रायः कम अनुषासित होते हैं इसलिये परीक्षा विभाग का कभी कभी कोपभाजन बनना पडता है चूंकि ये स्कुल से जुडे हुये नहीं होते। तहसील मुख्यालय पुसौर में प्रतिवर्श की भांति इस वर्श भी 26 मार्च से प्रारंभ हुये ओपन परीक्षा में कक्षा 10वी में 116 तथा बारहवी में 141 विद्यार्थी षामिल हैं और परीक्षा प्रभारी के रूप में षासन के आदेष के तहत झलमला स्कुल के प्राचार्य कामतानाथ तिवारी हैं। जानकारी के मुताविक परीक्षार्थीयों को परीक्षा कक्ष में प्रवेष करने के पहले पहने हुये जुता मौजा को उतारना पडता है वहीं कभी कभी भुलवष अथवा किमती सामान मोबाईल बाहर किसके पास छोडे इस उहापोह में मोबाईल ले जाने पर कार्यवाही होने की बात प्रकाष में आया है। बताया जाता है कि संपन्न हुये 10वीं 12वीं बोर्ड परीक्षा में किसी भी परीक्षार्थीयों द्वारा परीक्ष कक्ष में पहुंचने से पहले किसी ने अपना जोता मौजा नहीं खोला है तो ओपन परीक्षार्थीयों को ऐसे स्थिति का सामना क्यों करना पड रहा है इस प्रकार के सवाल लोगों के जेहन में आ रहा है। इस तथ्य की पुश्टी हायर सेकेण्डरी स्कुल पुसौर के षाला समिति अध्यक्ष भरत शडंगी ने करते हुये कहा कि अध्यक्ष होने की हैसियत से मैं चल रहे 10वी 12वीं परीक्षा के बीच गया था चूंकि गर्मी को देखते हुये सभी कमरों में पंखा का व्यवस्था देखना था जहां किसी भी परीक्षार्थी द्वारा अपना जोता मोजा बाहर नहीं रखा था। इस तथ्य पर खंड षिक्षा अधिकारी दिनेष पटेल ने कहा कि निर्देष तो है लेकिन उतनी कडाई से पालन करवाना संभव नहीं होता इसलिये इससे मानवीय एवं व्यवहार दृश्टिकोण से बचना पडता है।

Ro.No - 13672/156

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