Villagers are being made aware through street plays to save forests from fire
नारायणपुर@वन विभाग द्वारा वनमंडल अधिकारी के निर्देशन में जिले के विभिन्न हॉट बाजारों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को जंगलों को आग से बचाने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इस अभियान में स्थानीय गोंडी व हल्बी भाषा का उपयोग कर ग्रामीणों को समझाया जा रहा है कि जंगलों में आग लगाना या जलती आग को छोड़ देना गंभीर अपराध है, जिसके लिए 3 से 7 वर्ष की सजा अथवा 25,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। यह कार्यक्रम जयसवाल नीको इंडस्ट्रीज लिमिटेड के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। बस्तर के घने जंगल जैव विविधता का खजाना हैं, जहां विभिन्न प्रकार की लघुवनोपज और औषधीय जड़ी-बूटियां पाई जाती हैं। नुक्कड़ नाटक के जरिये ग्रामीणों को इन प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की आवश्यकता से अवगत कराया जा रहा है। वनों के विनाश से पर्यावरणीय असंतुलन, जल संकट और भूमि क्षरण जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इस अभियान के अंतर्गत लोगों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने और जंगलों की रक्षा करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
गोहड़ा गांव में आयोजित नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम में सैकड़ों ग्रामीणों ने भाग लिया और वनों की सुरक्षा का संकल्प लिया। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से की गई, जिसमें मुख्य अतिथि अभिषेक बेनर्जी उपस्थित रहे। उन्होंने वनों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि जंगल केवल हमारी सांसों के लिए ऑक्सीजन नहीं देते, बल्कि जल स्रोतों को बनाए रखते हैं और मौसम को संतुलित रखने में मदद करते हैं। उन्होंने सभी से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।इस आयोजन में महिलाओं और बच्चों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया और नुक्कड़ नाटक का आनंद लिया। वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने ग्रामीणों को जागरूक करने में अहम भूमिका निभाई।इस जागरूकता अभियान के तहत बेनूर, फरसगांव, तारागांव, छोटेडोंगर सहित अन्य स्थानों में भी नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और वनों की सुरक्षा का संदेश ग्रहण किया।
वनमंडल अधिकारी शशिगानंदन के. ने कहा कि वन हमारे जीवन का आधार है। ये हमें शुद्ध वायु, जल, औषधियां और जैव विविधता का संरक्षण प्रदान करते हैं। जलवायु संतुलन बनाए रखने और प्राकृतिक आपदाओं को रोकने में इनकी भूमिका अमूल्य है। हमें वनों की रक्षा के लिए आगे आना होगा। जंगलों को आग से बचाएं, अधिक से अधिक वृक्ष लगाएं और यदि कहीं आग लगती है तो तत्काल वन विभाग को सूचित करें, ताकि हम अपने पर्यावरण और प्राकृतिक धरोहर की रक्षा कर सकें।



