Demand for remaining revised pension from the year 2021
पुसौर / रिटायर होने के पुर्व अधिकारी कर्मचारियों की अपने विभाग में जो पुछ परख एवं प्रभाव होता है इसके बाद संबंधित विभाग के लोग उसके सारे किये कराये को एक सिरे से खारिज करते हुये उसके एहसान के बदले उसे परेषान करने की नियत बना लेते हैं जिससे उसे उसके वास्तविक हक से भी कोषों दुर रहना पडता है जिसके एवज में उसका जन जीवन असुरक्षित रहता है। उक्त वाकिया केलो परियोजना विभाग से सहायक अभियंता बिलासपुर से रिटायर हुये आर एस चंद्रा का है जिन्हें रिवाईजन पेंषन को आर्डर हुये 8 माह के बाद भी उन्हें संबंधित राषि नहीं मिल पाया है। जानकारी के मुताविक आर एस चंद्रा केलो नहर विभाग पुसौर में अनुविभागीय अधिकारी के पद पर लंबे समय तक रहे इसके बाद इनका प्रमोषन हुआ और इनके अंतिम कार्यकाल सहायक अभियंता बिलासपुर के पद पर रहा। ये अपने कार्यकाल के बीच ही समय पर पेंषन मिले साथ ही अपना जमा पैसा मिले इसके लिये समुचित कागजी कार्यवाही कर चुके थे और रिटायर होने के बाद इसे एप्लाई भी कर दिया। बताया जाता है कि वर्श 2021 में रिटायर होने के बाद से ही रिवाईज पेंषन मिलना था जिसका आदेष बिते 8 माह पुर्व हुआ जिसमें चंद्रा जी ने संबंधित दस्तावेज जीवन प्रमाण पत्र, अंतिम वेतन प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, सरकारी आवास छोडने का प्रमाण पत्र, इसके साथ ही कोई मांग नहीं कोई जांच नही का प्रमाण पत्र आदि कोशागार एवं जिला केलो नहर निर्माण कार्यालय में जमा कर व्यक्तिगत रूप से फोन कर निवेदन करने के बाद भी चंद्रा जी को उनके रिवाईष पेंषन नहीं मिल पाया है जिससे इन्हें अपने इलाज व भरण पोशण में परेषानी का सामना करना पड रहा है। इनके करीबीयों के मुताविक इन्हें बडी आर्थिक परेषानियों से गुजरना पड रहा है जबकि इनके सामने अपने परिवार एवं स्वयं भरण पोशण के साथ इलाज के लिये पैसे की षख्त जरूरत है। ज्ञात हो कि आर एस चंद्रा जब पुसौर में एसडीओ थे उस समय उनके विभाग के किसी भी कर्मचारी को किसी भी प्रकार का परेषानी होता है तो सामने रहकर उसका हल निकाले हैं ऐसे हेल्पफुल अधिकारी को अपने विभाग में अपने हक के लिये सालों रूकना पड रहा है और आदेष होने के बाद भी उसका भुगतान उसे नहीं किया जा रहा है तो ऐसे गैरजिम्मेदाराना और अमानवीय हरकत से विभाग को बचना चाहिये जिससे कि विभाग की छवि में सुधार आ सके।



