Mineral department bows down before sand mafia…? After all, who is protecting the sand mafia…?
रेत के अवैध भंडारण का खेल बदस्तूर है चालू !
रायगढ़ में शासन प्रशासन के निर्देशों को ठेंगा दिखाते हुए रेत की तस्करी , अवैध भंडारण और ऊंची कीमतों पर बेचने का धंधा अपने पूरे शबाव पर है । शासन प्रशासन अपनी पूरी कोशिश करने के बाद भी रेत के अवैध कारोबार पर लगाम लगा पाने में सफल नहीं हो पा रहा है। आपको बता दें कि शासन द्वारा रेत के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के निर्देश के बाद जिला स्तर पर स्वयं जिला कलेक्टर अपनी देख रेख में इस पर जिला खनिज विभाग के अमले की सहायता से मॉनिटरिंग कर रहे हैं । पर अफसोस की बात है कि इसके बावजूद रेत का अवैध भंडारण और बिक्री बदस्तूर चालू है । जानकारों का कहना है कि इस धंधे में मुनाफे का मार्जिन इतना ज्यादा है कि इस धंधे के खिलाड़ी रिस्क लेने से नहीं घबराते हैं। और फिर तत्संबंधी कानून भी इतने लचर हैं कि रेत के अवैध कारोबारियों का हौसला बुलंद रहता है। हमने लगातार रेत के अवैध भंडारण और कारोबार पर खबरें चलाई हैं और शासन प्रशासन को आगाह किया है । ताजा मामला रायगढ़ जिला मुख्यालय से चंद किलोमीटर दूर धनागर ग्राम में शासकीय उच्च. मध्य. विद्यालय धनागर के पीछे मैदान में रेत के विशाल मात्रा में अवैध भंडारण का है। मालूम हो कि अभी रेत के भंडारण का लाइसेंस केवल तीन लोगों को ही प्राप्त है । ऐसे में मांग के हिसाब से आपूर्ति कम है जिस अंतर को पाटने में अवैध कारोबारियों की भूमिका सामने आती है । वे दिनों दिन बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए धड़ल्ले से बालू का अवैध खनन करते हैं और भारी वाहनों से इनका परिवहन कर विशाल मात्रा में अवैध भंडारण कर रहे हैं ताकि मानसून के दौरान इसे भरी कीमतों पर बेचकर तगड़ा मुनाफा कमा सकें । ग्राम धनागर में किया गया अवैध भंडारण इसी अवैध कारोबार की एक नजीर है। यह हैरानी की बात है कि जिला मुख्यालय की एन नाक के नीचे ही रहे अवैध कारोबार की खबर दुनिया जहां को है । बस एक खनिज विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगती। बहरहाल, रायगढ़ जिले में रेत का अवैध खनन, अवैध भंडारण और अवैध कारोबार जम कर हो रहा है और शासन के राजस्व को जम कर चूना लग रहा है , आम आदमी की जेब कट रही है और प्रशासन बस खानापूर्ति कर गाल बजाने में मस्त है।
इस संबंध में जब हमने खनिज अधिकारी एवं खनिज इंस्पेकर को फोन के माध्यम से जानकारी लेनी चाही तो उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया
जिले का एकमात्र वैध रेत घाट भी बन्द !
जानकारी के अनुसार, रायगढ़ खनिज विभाग ने जिले की एकमात्र वैध रेतघाट उसरौट को सील कर दिया है। मांड नदी के बीच से एक पोकलेन मशीन को जब्त किया गया है। खनिज विभाग ने रविवार को उसरौट रेतघाट में दबिश दी। शिकायत मिलने पर खनिज विभाग ने कार्रवाई करते हुए पोकलेन मशीन को जब्त करने के अलावा भंडारित 150 घन मीटर रेत को भी जब्त कर लिया गया। अवैध खनन व भंडारण का प्रकरण दर्ज किया गया है। एकमात्र घाट होने के कारण यहां का कारोबार बहुत अच्छा चल रहा था। अब जिले में एक भी वैध रेत खदान नहीं बची है। अब सिर्फ अवैध खनन ही होगा दरअसल पर्यावरण मंत्रालय के निर्देश पर मानसून में 10 जून से रेत का उत्खनन प्रतिबंधित कर दिया जाता है। उसके बाद 16 अक्टूबर से खनन प्रारंभ होता है।
खनिज विभाग नींद में ! छाल पुलिस ने की कार्यवाही
मिली जानकारी अनुसार, छाल थाना क्षेत्र अंतर्गत जोगड़ा गांव के मांड नदी से अवैध रेत लोड कर रेल्वे ठेका कंपनी ढ्ढस्ष्ट द्वारा हाटी कैंपस ले जाया जा रहा था जहां जोगड़ा चौक के पास दो हाईवा रूक्क 2र्0 ंरू 3376, रू॥ 12ढ्ढहृ 2510 अवैध रेत लोड वाहन को छाल 112 पेट्रोलिंग टीम द्वारा रात्रि गश्त के दौरान करीब 2-3 बजे पकडक़र छाल लाया गया।
अवैध रेत परिवहन करते हुए दो हाईवा वाहन को पकड़ा गया है, विधिवत कार्यवाही कर अग्रिम कार्यवाही के लिए खनिज विभाग को सुपुर्द किया जाएगा।



