School entrance ceremony was celebrated with great enthusiasm in the new academic session
उत्तर बस्तर कांकेर / नवीन शैक्षणिक सत्र 2025-26 का आज से आगाज हो गया है। जिले में संचालित सभी शासकीय विद्यालयों में नवीन शैक्षणिक सत्र में हर्षोल्लास के साथ शाला प्रवेशोत्सव मनाया गया। आज विद्यालयों में नवप्रवेशी व शाला त्यागी छात्रों को गणवेश, पाठ्यपुस्तक, चंदन तिलक, मिठाई, पुष्पहार से स्वागत किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि डोर टू डोर बैठक का आयोजन कर विद्यालय में शाला त्यागी एवं नवप्रवेशी बच्चों को शिक्षा के मुख्यधारा में जोड़ा जाएगा। इसके अलावा जिले में संचालित समस्त शासकीय समस्त विद्यालयों के संकुल समन्वयकों, संकुल प्राचार्यों व प्रधानाध्यापकों की बैठक लेकर विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, रंग-रोगन, शिक्षकों की समय पर उपस्थिति, पाठ्य पुस्तकों व गणवेशों की उपलब्धता, मध्यान्ह भोजन का संचालन, शौचालय, पेयजल की समुचित व्यवस्था एवं स्वस्थ वातावरण बनाए जाने हेतु निर्देशित किया।
उन्होंने बताया कि जिले के पहुंचविहीन क्षेत्रों एकल शिक्षकीय व शिक्षकविहीन विद्यालयों में भी योग्य व प्रशिक्षित शिक्षकों की व्यवस्था की गई है। जिले के सभी विद्यालयों में प्रारंभिक तैयारी की जा चुकी है, शाला प्रवेश उत्सव के दौरान सभी शासकीय विद्यालयों में न्यौता भोज का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही शाला प्रवेश उत्सव में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, सभी पालकों व शिक्षाविद आदि को आमंत्रित किया गया है। इसका लक्ष्य एक भी छात्र विद्यालय से वंचित न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत माह जुलाई से ही शिक्षकों की रोस्टरवार प्रशिक्षण सह बैठक का जिले की कार्ययोजना को मूर्त रूप देने हेतु आयोजित किया जाएगा। इस अवधि में जिले का लक्ष्य शाला त्यागी, नवप्रवेशी छात्रों का चिन्हांकन कर प्रवेश दिया जा रहा है। इस कार्य में विद्यालय परिवार के साथ-साथ पालकों व पंचायतों का भी सहयोग लिया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी ने यह भी बताया कि जिले में संचालित समस्त प्राथमिक, माध्यमिक हाई एवं हायर सेकण्डरी विद्यालयों में मरम्मत योग्य शाला भवनों का चिन्हांकन किया जा चुका है। इन विद्यालयों के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कराने का प्रस्ताव डीएमएफ में रखा गया है तथा अति आवश्यक शौचालय मरम्मत एवं लघु मरम्मत हेतु विद्यालयों का चिन्हांकन कर राशि जारी की जा रही है। जिले के कम से कम 500 से अधिक विद्यालयों के शौचालय मरम्मत की कार्ययोजना है तथा 300 से अधिक लघु मरम्मत कराने व 250 से अधिक अतिजर्जर शाला भवनों की मरम्मत भी कराई जाएगी।




