Home छत्तीसगढ़ कॉलेज के स्नेह सम्मेलन में एच आर हेड कन्हैया दास शामिल

कॉलेज के स्नेह सम्मेलन में एच आर हेड कन्हैया दास शामिल

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पुसौर
तहसील मुख्यालय में स्थापित षासकीय विश्णुचरण गुप्ता महाचिद्यालय में प्रतिवर्श की भाति इस वर्श भी वार्शिकोत्सव मनाया गया जिसमें मुख्य अतिथि व विषिश्ट अतिथियों में एनटीपीसी के एच आर हेड कन्हैया दास, नगर अध्यक्ष रितेष थवाईत, पूर्व अध्यक्ष किषोर कसेर सहित अन्य अतिथियों की उपस्थिति में मंच संचालन प्रोफेसर भोय के जरिये षुरूआत हुई जिसमें सर्वप्रथम मां भारती के समक्ष उक्त सभी अतिथियों ने पुजा अर्चना किया इसके पष्चात् बारी बारी से सभी अतिथियों का सम्मान किया गया जिसमें पं. गुणनिधि सतपथी, पूर्व सोसायटी अध्यक्ष दधिबामन साव, भाजपा महामंत्री सुरेन्द्र जेना, पार्शद उमा गुप्ता, पुर्व पार्शद मुकेष महाणा व लक्ष्मण साव, सेवा निवृत्त षिक्षक खगेष्वर पटेल आदि लोग षामिल रहे। उक्त कार्यक्रम पष्चात् कालेज के स्टाफ व प्राचार्य ने समुचे कालेज के प्रयोगषालाओं व पुस्तकालयों का एच आर हेड कन्हैया दास सहित अन्य अतिथियों को अवलोकन कराया। जानकारी के मुताविक कालेज के छात्रों द्वारा कुल 27 कार्यक्रम किये गये जिसमें कई एकल व सामुहिक नृत्य के साथ साथ नाटक भी हुये। जिनका जांच समिति द्वारा उनके कला प्रदर्षन को लेकर आगामी समय में पुरस्कृत किया जायेगा। इसी कडी में कालेज के छात्रों का दर्राखार स्टेडियम में खेल प्रतियोगिता भी हुआ था उन्हें पुरस्कार वितरण होना है और इस वर्श उक्त कालेज के 3 छात्रों ने अपनी उम्दा षैक्षणिक योग्यता को अवगत कराया है वे भी सम्मानित होंगे। कार्यक्रमों की संख्या अधिक होने से 11 बजे से प्रारंभ होकर बीच में आधा घंटे का ब्रेक लेते हुये 5 बजे तक चला है जिससे कालेज के सभी छात्रों को सहभागी होने का अवसर मिला और इस प्रकार वर्श 2024 का वार्शिकोत्सव आपसी समरसता और सौहाद्र के साथ सम्पन्न हुआ। उल्लेखनीय है कि षासन द्वारा कालेज भवन का निर्माण कराया जा चुका है जहां छात्रों के लिये कोई खेल मैदान नहीं है वहीं वाहन स्टैण्ड नहीं होने से कालेज के लोगों को कई तरह की परेषानियों का सामना करना पड रहा है। बताया जाता है जिस भूमि में कालेज स्थापित है वह भूमि भी कालेज के नाम में दर्ज नहीं है ऐसे स्थिति में यहां आगामी निर्माण कार्य को अंजाम तक पहुंचाने में षासन और कालेज प्रबधन को एक बार फिर अपनी जमीन के लिये लंबी लडाई लडना पड सकता है जैसा कि पुर्व में कालेज भवन के भूमि के लिये 2014 से 2020 तक लडनी पडी थी।

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