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डीएपी खाद की कमी पूर्ति हेतु वैकल्पिक उर्वरकों का किया जा सकता है प्रयोग

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Alternative fertilizers can be used to compensate for the shortage of DAP fertilizer

किसानों को फास्फोरस एवं नत्रजन जैसे पोषक तत्वों का उपयोग करने दी गई तकनीकी सलाह

Ro.No - 13672/156

उत्तर बस्तर कांकेर, 08 जुलाई 2025/ जिले में अच्छी वर्षा होने पर कृषि कार्य जोरों पर है। किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण, बीज एवं उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। उप संचालक कृषि श्री जितेन्द्र कोमरा ने बताया कि सहकारी समितियों में यूरिया 1348, डीएपी. 411, एमओपी 1136, एसएसपी 1643 व एनपीके 629 मीट्रिक टन की उपलब्धता है। जिले में किसानों को डीएपी खाद की कमी पूर्ति हेतु अन्य वैकल्पिक खाद फास्फोरस एवं नत्रजन जैसे पोषक तत्वों का उपयोग करने की तकनीकी सलाह दी गई है। इसके अलावा किसानों को डीएपी के विकल्प के रूप में नैनो डीएपी का भी छिड़काव करने की सलाह दी गई है।
उप संचालक कृषि ने बताया कि डीएपी एक ऐसी खाद है, जो भारत में नहीं बनती है। इसके लिए अन्य देशों से आयात पर निर्भर रहना पड़ता है और आयात सामान्य से कम हुआ है। ऐसी स्थिति में डीएपी खाद की सप्लाई पर्याप्त मात्रा में नहीं हो रही है, यदि किसानों को डीएपी खाद नहीं मिलता है तो किसान इसके विकल्प के रुप में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा बताए गए अनुशंसित मिक्स खाद का उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने किसान भाईयों को बेहतर फसल उत्पादन के लिए फास्फोरस एवं नत्रजन पोषक तत्वों की पूर्ति हेतु अन्य उर्वरकों का उपयोग करने की तकनीकी सलाह दी।

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि धान की जल्दी पकने वाली व देशी किस्म हेतु 24 किलोग्राम नत्रजन, 16 किलोग्राम स्फूर एवं 8 किलोग्रामे म्यूरेट ऑफ पोटाश की प्रति एकड़ आवश्यकता होती है. जिसकी पूर्ति 52 किलोग्राम यूरिया, 100 किलोग्राम सुपर फास्फेट, 13 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश या 50 किलोग्राम एनकेपीके (12ः32ः16), 39 किलोग्राम यूरिया या 80 किलोग्राम कॉम्प्लेक्स उर्वरक एनपीकेएस (20ः20ः0ः13), 18 किलोग्राम यूरिया एवं 13 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की जा सकती है, धान की किस्में दीर्घ अवधि 141 दिन से अधिक हेतु 32 किलोग्राम नत्रजन, 20 किलोग्राम स्फूर एवं 12 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की प्रति एकड़ आवश्यकता होती है जिसकी पूर्ति 70 किलोग्राम यूरिया, 125 किलोग्राम सुपर फास्फेट, 20 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश या 62 किलोग्राम एनकेपीके (12ः32ः16), 54 किलोग्राम यूरिया व 4 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश या 100 किलोग्राम कॉम्प्लेक्स उर्वरक एनपीकेएस (20ः20ः0ः13), 26 किलोग्राम यूरिया एवं 20 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की जा सकती है। धान की किस्में मध्यम अवधि 126-140 दिन हेतु 40 किलोग्राम नत्रजन, 24 किलोग्राम स्फूर एवं 16 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की प्रति एकड़ आवश्यकता होती है. जिसकी पूर्ति 87 किलोग्राम यूरिया, 150 किलोग्राम सुपर फास्फेट, 27 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश या 75 किलोग्राम एनकेपीके (12ः32ः16), 67 किलोग्राम यूरिया व 7 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश या 120 किलोग्राम कॉम्प्लेक्स उर्वरक एनपीकेएस (20ः20ः0ः13), 35 किलोग्राम यूरिया एवं 27 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की जा सकती है। यह भी बताया गया कि मक्का हाईब्रिड किस्म हेतु 40 किलोग्राम नत्रजन, 24 किलोग्राम स्फूर एवं 16 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की प्रति एकड़ आवश्यकता होती है, जिसकी पूर्ति 87 किलोग्राम यूरिया, 150 किलोग्राम सुपर फास्फेट, 27 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश या 75 किलोग्राम एनकेपीके (12ः32ः16), 67 किलोग्राम यूरिया व 7 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश या 120 किलोग्राम कॉम्प्लेक्स उर्वरक एनपीकेएस (20ः20ः0ः13), 35 किलोग्राम यूरिया एवं किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश से की जा सकती है।

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