Chhattisgarh Budget Session: Governor counted the achievements of the government, now a grand building of development will be built
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र की शुरआत हो चुकी है। संसदीय परंपरा के मुताबिक सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण के साथ हुई। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में विष्णु सरकार की दूरदर्शिता, कार्ययोजना और लक्ष्य का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार आमलोगों के हितों से जुड़े अपने वादों का क्रियान्वयन कर रही है। बहुत ही कम वक्त में सरकार ने अपने कई वायदों को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की योजनाओं का लाभ आज गांव गांव tk में लोगों को मिल रहा है।
इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्यपाल को अभिभाषण के दौरान टोकते हुए कहा कि ” ऐसे भी अंग्रेजी बहुत कम लोगों को समझ आती है, इसलिए अभिभाषण को पूरा पढ़े बिना ही पढ़ा हुआ मान लिया जाए। टोकाटोकी के राज्यपाल का अभिभाषण जारी रहा। राज्यपाल ने कहा कि सभी गरीब तबके के लोगों को मुफ्त चावल,फ्री गैस कनेक्शन दिया जा रहा है।
राज्यपाल हरिचंदन ने गिनवाईं सरकार की उपलब्धियां
राज्यपाल हरिचंदन ने अपने अभिभाषण में कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के वर्ष 2024 में आयोजित इस प्रथम सत्र में आपका हार्दिक अभिनंदन करता हूं। आप सभी को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। छत्तीसगढ़ की छठवीं विधानसभा का गठन दिसम्बर 2023 में हुआ था। 20 दिसम्बर 2023 को नवगठित विधानसभा के प्रथम सत्र के अपने अभिभाषण में मैंने कहा था कि मेरी सरकार छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री माननीय स्व. अटल बिहारी वाजपेयी तथा वर्तमान प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी के आदर्शों और सिद्धांतों के अनुसार छत्तीसगढ़ में सुशासन का नया दौर प्रारंभ करने के लिए संकल्पबद्ध है। मुझे खुशी है कि अल्प अवधि में मेरी सरकार ने जनता से किए गए वादे पूर्ण करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं, जिसके कारण प्रदेश में न्याय, राहत और विकास का नया दौर शुरू हुआ है।
सरकार की उपलब्धियां की ज़िक्र किया गया। विष्णु देव साय की सरकार द्वारा लिए गए किसान हितैषी निर्णय को सार्थक बताया, वहीं किसानों के खाते में जो राशि गई है उससे किसानो की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
नक्सलियों के विरुद्ध कार्यवाही लगातार सरकार कर रही है, नक्सल प्रभावित क्षेत्र में लोगों का विश्वास जीतने में मेरी सरकार कामयाब हो रही है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में ज़िला पुलिस बल निर्देशों के साथ कार्य कर रही है। हमारी सरकार विभिन्न सांस्कृतियों को संरक्षित कर रही है, पर्यटन को बढ़ावा दे रही है।को पारदर्शी व जवाबदेह शासन, ईमानदार और संवेदनशील प्रशासन उपलब्ध कराने के लिए तत्पर रहेगी।
इसके बाद पूर्व मंत्री शिव नेताम को श्रद्धांजलि दी जाएगी। 12 और 13 फरवरी को बजट पर चर्चा होगी। 14 से 26 फरवरी तक विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा की जाएगी।
राज्यपाल ने कहा, कोरोना संकट से निपटने में जनता ने भी सहयोग दिया है, उसके लिए सभी को धन्यवाद। मेरी सरकार ने कोरोना काल मे मजदूरों के खाने पीने, प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने का काम किया है। उस कठिन वक्त में 67 लाख राशन कार्ड धारियों को अनाज दिया गया। 57 लाख अंत्योदय कार्डधारियों को चावल और चना दिया गया।
दूसरे प्रदेशों में फंसे मजदूरों की सुरक्षित वापसी कराई गई। जरूरतमंदों के लिए 11 हजार ग्राम पंचायतों में 2 क्विंटल चावल उपलब्ध कराया गया। राज्यपाल ने कहा, उनकी सरकार ने महिलाओं का मान बढ़ाया है, वहीं बच्चों के पोषण की चिंता की है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान शुरू किया गया है। 24 लाख बच्चों के लिए पोषण सामग्री दी गई। 29 लाख बच्चों को रेडी-टू-ईट भोजन घर पहुंचा कर दिया गया।
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में खरीफ सीजन के दौरान धान की रिकॉर्ड खरीदी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, इस वर्ष उनकी सरकार ने रिकॉर्ड धान की खरीदी की है। 2152980 पंजीकृत किसानों में से 2053433 किसानों ने अपना धान बेचा है। उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ अपने 95 प्रतिशत किसानों का धान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने वाला पहला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा, 92 लाख मीट्रिक टन धान खरीदना एक रिकॉर्ड है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में राज्यपाल विश्व भूषण हरिश्चंद्र के अभिभाषण के दौरान
बजट सत्र के अभिभाषण पर राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के द्वारा पीवीटीजी अर्थात् विशेष रूप से पिछड़े जनजातीय समूहों (बैगा, कमार, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर एवं अबूझमाड़िया) को मूलभूत सुविधाओं जैसे-पक्के आवास गृह, संपर्क सड़कें, छात्रावास का निर्माण, शुद्ध पेयजल, विद्युतीकरण, बहुउद्देशीय केन्द्रों, आंगनबाड़ी केन्द्रों तथा वनधन केन्द्रों का निर्माण, मोबाइल टॉवर की स्थापना, व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल से परिपूर्ण करने हेतु मेरी सरकार कृत संकल्पित है। पीएम जनमन महाअभियान के अंतर्गत विशेष रूप से संरक्षित जनजातियों के स्वास्थ्य की जांच, उपचार एवं दवा वितरण हेतु 66 चलित चिकित्सा इकाई वाहनों का उपयोग किया जा रहा है।



