शीर्ष कैडर ने तोड़ा संगठन से नाता — पुनर्वास की राह पर लौटे 25 माओवादी
बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान को एक और बड़ी सफलता मिली है। नक्सल संगठन के शीर्ष कैडर सहित कुल 25 माओवादियों ने 01 करोड़ 15 लाख रुपये के इनामी के साथ पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें SZCM (25 लाख) सहित DVCM, ACM, पीपीसीएम, एरिया कमेटी सदस्य, जनताना सरकार अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं मिलिशिया कंपनी सदस्य शामिल हैं। आत्मसमर्पण नक्सलियों में SZCM (1) – ₹25 लाख, DVCM (2) – ₹16 लाख,PPCM (2) – ₹16 लाख, ACM (8) – ₹40 लाख, एरिया कमेटी सदस्य (2) – ₹10 लाख, LOS सदस्य (4) – ₹04 लाख जनताना सरकार अध्यक्ष (1) – ₹1 लाख, जनताना सरकार उपाध्यक्ष (1) – ₹1 लाख, मिलिशिया कंपनी सदस्य (1) – ₹1 लाख अन्य सक्रिय सदस्य (3) – ₹1 लाख ये है नक्सली रामन्ना ईरपा उर्फ विकेश – ओडिशा राज्य कमेटी सदस्य / SZCM, सुक्कू कलमू उर्फ विनोद कर्मा – DVCM, बबलू माडवी उर्फ जग्गू – DVCM (प्लाटून कमांडर), रामे कलमू उर्फ प्रमिला – PPCM, कोसी मड़कम – बटालियन न.1 पार्टी सदस्य, पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों ने कहा कि..“संगठन की विचारधारा से मोहभंग, आंतरिक कलह, भविष्य की अनिश्चितता और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की चाह ने हमें आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया। आत्मसमर्पण का मुख्य कारण: विकास और विश्वास बीजापुर सहित समस्त बस्तर क्षेत्र में तेज़ी से बढ़ती विकास गतिविधियाँ—जैसे सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, पानी, बिजली—ने माओवादियों की सोच पर गहरा प्रभाव डाला है। वहीं सुरक्षा बलों और ग्रामीणों के बीच बनते संवाद, सामुदायिक पुलिसिंग और सरकार की आत्मसमर्पण नीति ने भी इस प्रक्रिया को बल दिया है। “नियद नेल्ला नार योजना” — छत्तीसगढ़ शासन की यह प्रमुख योजना नक्सलियों को आत्मसमर्पण कर पुनर्वास का मौका देती है। इसके तहत आत्मसमर्पित माओवादियों को ₹50,000 प्रोत्साहन राशि पुनर्वास सुविधा, शिक्षा व रोजगार के अवसर, सामाजिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। अब तक बीते दो वर्षों का नक्सली ग्राफ (जनवरी 2024 से जुलाई 2025 तक गिरफ्तारी 803, आत्मसमर्पण 431 , मुठभेड़ में ढेर 185 पुलिस अफसरों की मौजूदगी में हुआ आत्म-समर्पण इस सामूहिक आत्मसमर्पण कार्यक्रम में आईजी बस्तर सुंदरराज पी. डीआईजी दंतेवाड़ा कमलोचन कश्यप, कमांडेंट कोबरा /केरिपु /डीआरजी अधिकारी, और एसपी बीजापुर डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव की उपस्थिति रही। उन्होंने सभी आत्मसमर्पित माओवादियों को प्रोत्साहन राशि के रूप में ₹50,000 के चेक प्रदान किए। बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने नक्सलियों से अपील की है ।“छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ लें, हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटें। यह नीति न केवल पुनर्वास का अवसर देती है, बल्कि एक सम्मानजनक जीवन की शुरुआत का मार्ग भी है। निष्कर्ष: नक्सल उन्मूलन की दिशा में यह आत्मसमर्पण एक बड़ा मील का पत्थर है। इससे माओवादियों के शीर्ष कैडर को बड़ा झटका लगा है और यह संकेत है कि “नक्सल मुक्त बस्तर” अब केवल एक सपना नहीं, बल्कि साकार होती हकीकत बन रहा है।



