बिलासपुर, छत्तीसगढ़: यह विडंबना है कि समय बदलने के बावजूद कुछ सामाजिक कुरीतियां आज भी समाज को जकड़े हुए हैं। ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर से सामने आया है, जहाँ एक डीएसपी (DSP) परिवार को अंतरजातीय विवाह के कारण सामाजिक बहिष्कार का दंश झेलना पड़ रहा है।
समाज ने किया बहिष्कार, पुलिस ने दर्ज की FIR
जानकारी के अनुसार, समाज के लोगों ने एक सामाजिक बैठक आयोजित कर डीएसपी परिवार को समाज से बहिष्कृत करने का फैसला लिया है। बताया जाता है कि डीएसपी ने दूसरे समाज की युवती से विवाह किया है, जिससे समाज भारी नाखुश है।
इस मामले में डीएसपी की शिकायत और सक्रियता के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर वीरेंद्र कुमार सिंह, श्रवण सिंह, धर्मेंद्र और अन्य के खिलाफ धारा 7, 2, 296, 3, 5, 351, 2 बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है।
यह पूरा मामला कोटा थाना क्षेत्र के बेलगहना मानिकपुर गाँव का है। वर्तमान में कांकेर जिले में पदस्थ डीएसपी मेखलेंद्र प्रताप सिंह ने दूसरे समाज की युवती से शादी की है, जिसके कारण उनका पूरा परिवार, जो इसी गाँव में रहता है, समाज की नाराजगी का शिकार हो रहा है। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों समाज ने गाँव में बैठक कर डीएसपी के परिवार को समाज से बहिष्कृत करने का फैसला लिया और उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया।
आरोप लग रहे हैं कि समाज के लोग डीएसपी के परिवार को प्रताड़ित कर रहे हैं। उनके परिजनों को रिश्तेदारों के यहाँ और गाँव में होने वाले सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने से रोका जा रहा है। समाज की इस प्रताड़ना से तंग आकर डीएसपी के भाई-बहन ने इसकी जानकारी उन्हें दी, जिसके बाद डीएसपी मेखलेंद्र प्रताप सिंह ने कोटा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। यह घटना दर्शाती है कि समाज में अभी भी जातिगत भेदभाव और सामाजिक बहिष्कार जैसी कुरीतियां गहरी जड़ें जमाए हुए हैं।



