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नन्ही राधिका शर्मा द्वारा प्रस्तुत कथक की प्रस्तुति ने सिद्ध किया कि कला की नहीं होती कोई उम्र

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The Kathak performance by little Radhika Sharma proved that art has no age

चक्रधर समारोह में रायपुर की नन्ही राधिका शर्मा की प्रस्तुति ने जीता लोगो का दिल

Ro.No - 13672/156

रायगढ़ / चक्रधर समारोह के तीसरे दिन का मंच आज उस समय भावविभोर हो उठा जब रायपुर से आई नन्ही बाल कलाकार राधिका शर्मा ने अपनी कथक नृत्य की प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया। छोटी-सी उम्र में उनके नृत्य की परिपक्वता, भाव-भंगिमाओं की सुंदरता और ताल-लय का अद्भुत संयोजन देखकर समारोह तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। नन्ही राधिका ने परंपरागत कथक शैली में नृत्य प्रस्तुत किया। उनकी नन्ही कद-काठी पर जब भावपूर्ण मुद्राओं और तीव्र घूमरों की छटा बिखरी तो दर्शक उनकी प्रस्तुति देखकर आश्चर्यचकित रह गए। हर ताल पर उनकी लयबद्ध पदचाप और अभिव्यक्ति में भक्ति व सौंदर्य का अद्भुत संगम नजर आया। तीसरे दिन के इस विशेष क्षण ने न केवल समारोह की गरिमा बढ़ाई, बल्कि यह भी सिद्ध किया कि कला की कोई उम्र नहीं होती।

नन्ही कलाकार सुश्री राधिका शर्मा की इस तरह की प्रस्तुति से आने वाले समय में भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गौरवशाली परंपरा को और ऊंचाइयां मिल पाएंगी। कार्यक्रम में मौजूद कला-प्रेमी और दर्शकों ने भी मुक्तकंठ से नन्ही राधिका की प्रशंसा करते हुए उन्हें मंच की उभरती हुई नक्षत्र बताया। राधिका शर्मा की प्रस्तुति निश्चित ही चक्रधर समारोह का मुख्य आकर्षण बन गई।

नन्ही राधिका की एकल कथक नृत्य प्रस्तुति के माध्यम से दर्शकों के सामने भारतीय शास्त्रीय नृत्य, लखनऊ घराना की समृद्ध परंपरा और साधना की मनमोहक प्रस्तुति दिखी। नन्ही राधिका ने चक्रधर समारोह में अपने नृत्य की शुरुआत गणेश वंदना से किया फिर ताल धमार मे तोड़ा आमद परन, पैरो से तत्कार के साथ कथक की पारम्परिक प्रस्तुति एवं अंत में कृष्ण ठुमरी के साथ मोहक नृत्य की प्रस्तुति दी।

बता दे कि नन्ही राधिका शर्मा वर्तमान में 12 वर्ष की हैं। उन्होंने 2017 से, जब उनकी आयु मात्र 4 वर्ष थी, श्रीमती संगीता, रायपुर, छत्तीसगढ़ से कथक नृत्य की शिक्षा ग्रहण करना प्रारंभ किया और अभी तक वही नृत्य शिक्षा ले रही है। राधिका विगत 4 वर्षों से छत्तीसगढ़ राज्य संस्कृति विभाग के चिनहारी पोर्टल में कथक कलाकारों की सूची में पंजीकृत हैं। राधिका ने वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित राजिम कुंभ महोत्सव एवं भोरमदेव महोत्सव में अपने एकल कथक नृत्य की प्रस्तुति दी है। राधिका ने छत्तीसगढ़ के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र एवं अन्य स्थानों पर अपनी नृत्य कला का प्रदर्शन किया है तथा विभिन्न सम्मानों नृत्य एवं संगीत महोत्सव 2019, भिलाई सम्मान – अनुदान, अंतरराष्ट्रीय नृत्य महोत्सव, 11वां कटक महोत्सव, ओडिशा अंतर्गत “अंतरराष्ट्रीय नृत्य बाल श्री पुरस्कार – 2020, अंतरराष्ट्रीय मेगा नृत्य एवं संगीत महोत्सव “पुरी – 2021 अंतर्गत “नृत्य सुरभि श्री पुरस्कार”, नाट्य नर्तन महोत्सव – 2022 अंतर्गत “नृत्य रंजनी पुरस्कार 2022”, रस बनारस – अंतरराष्ट्रीय संगीत एवं नृत्य महोत्सव, अस्सी घाट, वाराणसी, उत्तर प्रदेश -2022 अंतर्गत “उदित कलाकार सम्मान”, नाट्य नर्तन महोत्सव – 2023 अंतर्गत “नृत्य रत्नाकर पुरस्कार 2023”, ऑल इंडिया म्यूज़िक एंड डांस प्रतियोगिता एवं नटवर गोपीकृष्ण राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह, रायपुर – 2024 अंतर्गत “नंदी पुरस्कार, नटरंग नृत्य महोत्सव, रायपुर – 2025 अंतर्गत “नृत्य रत्न सम्मान”, ऑल इंडिया कल्चरल ओलिंपियाड कांटेस्ट 2025 नागपुर अंतर्गत “नृत्य कलामणि सम्मान” से सम्मानित हो चुकी है।

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