Chakradhar Samaroh 2025: Kathak dancer Yami Vaishnav and her team gave a mesmerizing performance
रायगढ़ / चक्रधर समारोह 2025 के मंच पर राष्ट्रीय कथक बाल नृत्यांगना सुश्री यामी वैष्णव और साथियों ने अपनी अनुपम प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। माँ वैष्णवी संगीत महाविद्यालय, सारंगढ़ की छात्रा यामी मात्र चार वर्ष की उम्र से कथक साधना कर रही हैं। उन्हें कथक की शिक्षा अपनी गुरु माँ प्रीतिरुद्र वैष्णव एवं अंतरराष्ट्रीय कला गुरु पं. सुनील वैष्णव से मिली है। प्राचार्य एल डी वैष्णव के सानिध्य में रायगढ़ घराने की विशेष बोलो की बंदिशों और तालों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यामी ने मंच पर कथक नृत्य की गहन बारीकियों को प्रस्तुत किया।कथक नृत्य यामी को नृत्य आचार्य पंडित फिरतु महाराज जी की पांचवी पीढ़ी के रूप में विरासत से प्राप्त हुई है ।
कथक नृत्य जगत में रायगढ़ घराने की पहचान को आगे ले जाते हुए यामी को अब तक कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सम्मान मिल चुका है। कम उम्र में ही उन्होंने देश के विख्यात राष्ट्रीय मंचों पर प्रथम स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।



