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एमएसएमई के लिए वैकल्पिक वित्तपोषण पर कार्यशाला का आयोजन

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Workshop on Alternative Financing for MSMEs organized

उत्तर बस्तर कांकेर, 09 सितम्बर 2025/ रजत महोत्सव के अंतर्गत जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा जिले के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को पारंपरिक बैंकिंग विकल्पों के अतिरिक्त वैकल्पिक वित्तीय स्रोतों की जानकारी देने एवं उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से शहर के निजी होटल में “वैकल्पिक वित्तपोषण पर एकदिवसीय कार्यशाला“ का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय एवं विश्व बैंक द्वारा संयुक्त रूप से वित्तपोषित रैम्प योजना के अंतर्गत आयोजित की गई।

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कार्यक्रम में सीएसआईडीसी रायपुर के प्रतिनिधि मनीष अरोरा ने रैम्प योजना का परिचय देते हुए बताया कि यह योजना एमएसएमई को वित्तीय, बाज़ार एवं संस्थागत सशक्तिकरण के माध्यम से प्रतिस्पर्धी व सतत विकास की दिशा में बढ़ाने हेतु क्रियान्वित की जा रही है। उन्होंने ट्रेड्स प्लेटफॉर्म के संचालन, बिल डिस्काउंटिंग की प्रक्रिया और समयबद्ध भुगतान की सुविधा पर जानकारी देते हुए बताया कि ट्रेड्स प्लेटफॉर्म एमएसएमई को विलंबित भुगतानों से राहत दिलाने और नकदी प्रवाह को बेहतर बनाने का प्रभावी माध्यम है।

नेशनल स्टाक एक्सचेंज आफ इंडिया लिमिटेड के प्रतिनिधि उर्मिलेश कुमार ने प्लेटफॉर्म पर सूचीकरण की प्रक्रिया, पात्रता मानदंड एवं इससे, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को होने वाले लाभों की विस्तार से जानकारी दिया। इस कार्यशाला में जिले के लगभग 50 एमएसएमई उद्यमियों, सीए, और अन्य हितधारकों ने भाग लिया। उन्होंने कार्यशाला के विषय की उपयोगिता पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और आग्रह किया कि ऐसी व्यावहारिक जानकारियों से युक्त कार्यशालाओं का आयोजन समय-समय पर किया जाना चाहिए, ताकि एमएसएमई इकाइयों के लिए पूंजी बाजार से जुड़ाव, वैकल्पिक वित्त की समझ और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए उचित मागदर्शन व सुझाव मिल सके। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक टंकेश्वर देवांगन द्वारा इस कार्यशाला की अध्यक्षता की गई।

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