Teachers got rationalization and made the studies of students of Jamgaon school easy
अब संस्कृत के व्याकरण और गणित के सवाल नहीं करते परेशान
रायगढ़ / रायगढ़ ब्लॉक के जामगांव स्कूल में युक्तियुक्तकरण के बाद अब कक्षाओं में तस्वीर बदली-बदली से नजर आती है। यहां बच्चे विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों के आने से अब सब्जेक्ट्स की सिर्फ पढ़ाई नहीं कर रहे हैं बल्कि कॉन्सेप्ट्स को समझ रहे हैं। युक्तियुक्तकरण से जामगांव स्कूल को 6 शिक्षक मिले हैं। जिनमें 2 टीचर हाई और हॉयर सेकेंडरी कक्षाओं में पढ़ा रहे हैं। वहीं मिडिल स्कूल में 4 शिक्षकों की पोस्टिंग हुई है। यहां कुल 395 बच्चे अध्ययनरत हैं।
कक्षा दसवीं की छात्रा प्राची गुप्ता बताती हैं कि इस वर्ष बोर्ड की परीक्षा है। यहां संस्कृत और गणित विषय के नए शिक्षक आए हैं। इनके आने से कक्षाएं नियमित हो गई हैं। सब्जेक्ट के टीचर होने के कारण पढ़ाने का तरीका ऐसा है कि विषय अब अच्छे से समझ आ रहा है। वहीं उनकी सहपाठी वर्षा गुप्ता कहती हैं कि पहले संस्कृत की कक्षाएं तो लगती थी लेकिन किसी और अध्यापक द्वारा क्लास लिए जाने पर संस्कृत का व्याकरण उतने अच्छे से समझ नहीं आता था। लेकिन अब संस्कृत विषय के शिक्षक आ गए हैं। तो पूरे सिलेबस को समझना आसान हो गया है। वहीं गणित विषय के सवालों को हल करने के तरीके और सूत्र को बहुत सरल तरीके से सीखने को मिल रहा है। कक्षा ग्यारहवीं के छात्र राहुल निर्मलकर ने कहा कि विज्ञान संकाय लेकर पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विषय में पकड़ बनाने के लिए सब्जेक्ट टीचर का होना आवश्यक है। गणित के टीचर आने से पढ़ाई बेहतर हुई है। यह न सिर्फ अगले बोर्ड कक्षा के लिए आधार को मजबूत बनाएगा बल्कि आगे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी सहायक होगा।
इसी प्रकार मिडिल स्कूल में 155 बच्चे अध्ययनरत हैं। पहले यहां 3 शिक्षकों की पोस्टिंग थी। युक्तियुक्तकरण के पश्चात अब 4 टीचर और मिल गए हैं। ये शिक्षक विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और इंग्लिश विषय पढ़ाते हैं। इन शिक्षकों की पदस्थापना से एक ओर जहां कक्षाएं नियमित और विषय शिक्षकों द्वारा ली जा रही हैं, वहीं बच्चों में पढ़ाई को लेकर उत्साह बढ़ा है।



