Home Blog स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने पर दें विशेष जोर:...

स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने पर दें विशेष जोर: वन मंत्री केदार कश्यप

0

Give special emphasis on providing employment opportunities to local youth: Forest Minister Kedar Kashyap

वन मंत्री केदार कश्यप ने की वन विभाग के कार्यों की समीक्षा

Ro.No - 13672/156

वन आधारित रोजगार सृजन एवं वनों के संरक्षण हेतु कार्ययोजना के अनुरूप करें पहल

रायपुर / वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आज जगदलपुर स्थित वन विद्यालय के सभाकक्ष में वन विभाग के विभिन्न कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में वृक्षारोपण, कूप कटाई, निर्माण कार्य, राजस्व संग्रहण, वनों के संरक्षण तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही, ग्रामीणों की आय में वृद्धि के लिए विभाग द्वारा संचालित प्रयासों की गहन समीक्षा की गई। वन मंत्री श्री कश्यप ने बैठक में कहा कि वनों के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों विशेषकर युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने पर विशेष जोर दिया जाए। इस दिशा में कार्ययोजना के अनुरूप वृक्षारोपण, सयुंक्त वन प्रबंधन और समुदाय की सहभागिता से वनों की देखभाल और प्रबंधन के लिए व्यापक प्रयास किया जाए। साथ ही लाख पालन, वनोत्पाद पर आधारित प्रसंस्करण एवं ईको टूरिज्म के जरिए रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया जाए।

बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि वृक्षारोपण अभियान के तहत लाखों पौधे रोपे जा चुके हैं, जबकि कूप कटाई और निर्माण कार्यों में भी तेजी आई है। राजस्व संग्रहण में वृद्धि दर्ज की गई है और मालिक मकबूजा योजना के माध्यम से वनवासियों को उनके अधिकार सुनिश्चित किए जा रहे हैं। जन कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत लघु वनोपज संग्रहण और वैकल्पिक आजीविका स्रोतों पर फोकस किया गया, ताकि ग्रामीणों की आय दोगुनी हो सके।

इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि वनोपज वनवासियों की आजीविका का आधार है। इको टूरिज्म और वनोपज प्रसंस्करण के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को रोजगार दें। बस्तर कई दशकों से माओवाद से पीड़ित रहा है, किंतु अब माओवाद के साए से बाहर आ रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर के विभिन्न पर्यटन स्थानों पर सुविधाएं प्रदान करते हुए स्थानीय युवाओं को रोजगार दें। पर्यटन स्थानों के विकास में स्थानीय परंपराओं का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि लघु वनोपज के प्रसंस्करण का लाभ स्थानीय युवाओं को मिले। नीलगिरी और अकेशिया के विदोहन के लिए आवश्यक नीति निर्माण हेतु तत्परता से कार्य करें। वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के पश्चात तत्काल वृक्षारोपण करें। वनमंत्री श्री कश्यप ने बैठक में वृक्षों की कटाई और अवैध परिवहन पर नजर रखने और कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। वन भूमि पर अतिक्रमण पर त्वरित कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि वनौषधि के संरक्षण के साथ ही वैद्यों के परंपरागत ज्ञान का उपयोग कर उनकी भूमि में वनौषधियों का रोपण करें तथा वन भूमि के तालाबों का उपयोग मछली पालन हेतु करें और स्थानीय युवाओं को रोजगार दें। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण के साथ ही पौधों की देखभाल और वृक्षों का संरक्षण हमारा दायित्व है। इस दायित्व का निर्वहन भली भांति करें। योजना बनाकर कार्य को पूर्ण करें।

वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में माओवाद के खात्मे के बाद विकास की नई लहर चल रही है और वन विभाग को इसमें अग्रणी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने अधिकारियों को योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए। वन मंत्री श्री कश्यप ने बस्तर के नियद नेल्लानार योजना क्षेत्रों में वन विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में विशेष तौर पर ध्यान केंद्रित करने सहित नियमित रूप से मॉनिटरिंग किए जाने की बात कही।

बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ श्री अनिल साहू, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी श्री अरुण पाण्डे, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री ओपी यादव, मुख्य वन संरक्षक श्री आरसी दुग्गा, मुख्य वन संरक्षक कांकेर श्री दिलराज प्रभाकर, मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी जगदलपुर सुश्री स्टाइलो मंडावी, तीनों वन वृत्त के सभी वन मंडलाधिकारी एवं उप वन मंडलाधिकारी उपस्थित रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here