*मावा मोदोल की छात्रा शिल्पा नुरूटी ने आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा में पूरे प्रदेश में एसटी महिला वर्ग में प्रथम स्थान हासिल किया*
*यहां की दो छात्राएं आबकारी आरक्षक एवं प्रयोगशाला परिचारक के तौर पर चयनित*
उतर बस्तर कांकेर 20 सितंबर 2025/ जिला प्रशासन की विशेष पहल पर “मावा मोदोल” कोचिंग संस्थान संचालित किए जा रहे हैं।कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री हरेश मण्डावी के मार्गदर्शन में जिले मे मावा मोदोल निःशुल्क कोंचिग जिले के भानुप्रतापपुर एवं कांकेर मुख्यालय में प्रारंभ की गई है, जहां जिले के जरूरतमंद विद्यार्थी को सरकारी नौकरी हेतु आयोजित प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी निःशुल्क कराई जाती है। कलेक्टर और जिला सीईओ के सतत् मार्गदर्शन और मॉनिटरिंग के चलते अब अपेक्षित परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। फलस्वरूप मावा मोदोल भानुप्रतापपुर में अध्ययनरत दो छात्राओं ने इतिहास रचा है। उनका चयन क्रमशः आबकारी आरक्षक और प्रयोगशाला परिचारक के तौर पर हुआ है।
उक्त निःशुल्क कोचिंग संस्था का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के जरूरतमंद विद्यार्थी जो आर्थिक रूप से पिछडे हुए छात्र हुए हैं, वे आसानी से ऐसे कोचिंग का लाभ दिलाकर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकें। इसी क्रम में मावा-मोदोल कोचिंग भानुप्रतापपुर में अध्ययनरत छात्रा सुश्री शिल्पा नुरेटी निवास भानुप्रतापपुर का चयन अबकारी आरक्षक में हुआ साथ ही इस छात्रा ने कैटेगरी रैंक में राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इसी प्रकार से इसी कोचिंग संस्थान में अध्ययनरत सुश्री पद्मिनी नेताम निवासी भिरागांव भानुप्रतापपुर का चयन प्रयोगशाला परिचारक में हुआ है। कलेक्टर कांकेर एवं सीईओ जिला पंचायत ने इन दोनों चयनित छात्राओं एवं उनके पालकों व पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनायें दी है। सीईओ जिला पंचायत ने बताया कि मावा मोदोल नित अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर रहा है पूर्व में भी नगर सेना चयन परिक्षा में 34 छात्रों ने उत्तीर्ण कर रोजगार प्राप्त किया है, जिससे इन छात्रों की आर्थिक रूप से सुधार के साथ साथ अपने परिवार के भरण पोषण में सहयोग भी प्राप्त होगा।
आबकारी आरक्षक हेतु चयनित छात्र शिल्पा नुरूटी ने बताया कि उनके पति निधन 2022 में हो गया वह स्वयं को समाज में स्थापित करने के बीच मावा मोदोल योजना ने नया रास्ता दिखाया, फिर से पढ़ने की प्रेरणा मिली। मावा मोदोल में वह प्रारंभ से अध्ययन की है यहां निःशुल्क कक्षा के साथ साथ आधुनिक पाठ्य सामग्री भी आसानी से उपलब्धता से बहुत ही फायदा हुआ। उन्होंने बताया कि सीजीपीएससी की मैंस भी अच्छा गया है और उम्मीद है कि मैं इसमें भी सफल होउंगी। मावा मोदोल मेरे जैसी परिस्थिति से लड़ने वाले विद्यार्थियों के लिए एक आधार स्तंभ है। श्रीमती नुरुटी ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। इसी तरह लैब असिस्टेंट के रूप में चयनित छात्रा पद्मिनी ने बताया कि कोचिंग के अध्यापन से वह संतुष्ट है और चयन की उम्मीद थी। उन्होंने भी जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया है।
राज्य शासन एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा आयोजित होने वाले प्रत्येक परीक्षा हेतु विभिन्न बैचों में कोचिंग प्रदाय किया जा रहा है। आगामी चरणों में असिस्टेंट प्रोफेसर, सीजी सेट की तैयारी हेतु नवीन बैच का पंजीयन भी प्रारंभ किया गया है तथा भानुप्रातापपुर में नई बैच का प्रारंभ भी किया जा रहा है जिसके लिए इच्छुक व जरूरतमंद छात्रों के लिए पंजीयन प्रक्रिया प्रारंभ किया गया है जिसकी चयन परीक्षा 28 सितम्बर दिन रविवार को भानुप्रतापपुर के उत्कृष्ट विद्यालय एवं मावा मोदोल केन्द्र में आयोजित किया जावेगा। यह भी बताया गया कि इन कोचिंग संस्थान में सीजीपीएससी के बैच के साथ ही साथ व्यापम द्वारा आयोजित होने वाली अन्य प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी हेतु विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है।



