Due to constant harassment from her husband and in-laws, the newly married woman committed suicide by hanging herself.
विवाहिता आत्महत्या मामले में चक्रधरनगर पुलिस की सख्त कार्रवाई, दुष्प्रेरण के आरोप में पति समेत चार ससुराली जेल भेजे गए
रायगढ़ । चक्रधरनगर पुलिस ने विवाहिता को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले पति, सास, ससुर और चाचा ससुर को दुष्प्रेरण के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
घटना 23 सितंबर को हुई, जब थाना चक्रधरनगर को थाना सिटी कोतवाली सारंगढ़ से मृतिका अमीषा सिंह की मृत्यु संबंधी मर्ग डायरी प्राप्त हुई। जांच में सामने आया कि अमीषा सिंह ने नवंबर 2022 में गजानंद सिंह राजपूत निवासी संजय नगर बैंक कॉलोनी चक्रधरनगर से प्रेम विवाह किया था। विवाह के शुरुआती छह माह तक सब कुछ ठीक रहा, लेकिन इसके बाद अमीषा को पति गजानंद, सास जानकी बाई, ससुर संतोष कुमार राजपूत और चाचा ससुर शंकर राजपूत द्वारा प्रताड़ित किया जाने लगा। ससुराल पक्ष प्रेम विवाह को स्वीकार नहीं कर रहा था और मृतिका को बार-बार ताने दिए जाते थे। पति शराब पीकर मारपीट करता था और रोजाना विवाद खड़ा करता था।
लगातार प्रताड़ना से त्रस्त होकर 30 अगस्त को अमीषा सिंह ने अपने घर में फांसी लगा ली। उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायगढ़ लाया गया और वहां से रायपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में सारंगढ़ के पास उसकी मौत हो गई। सारंगढ़ सीएचसी में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया। मर्ग जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि ससुराल पक्ष की यातनाओं से मजबूर होकर अमीषा ने आत्महत्या की।
इस आधार पर 30 सितंबर को थाना चक्रधरनगर में अपराध क्रमांक 432/2025 धारा 108, 3(5) बीएनएस कायम कर आरोपी पति गजानंद सिंह राजपूत, सास जानकी बाई, ससुर संतोष कुमार राजपूत और चाचा ससुर शंकर राजपूत को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल दाखिल किया गया। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के दिशा निर्देशन और नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के सुपरविजन में की गई, जिसमें सहायक उप निरीक्षक नंद कुमार सारथी, प्रधान आरक्षक श्यामदेव साहू और हमराह स्टाफ की अहम भूमिका रही।



