*कांकेर।* धर्मांतरण की बढ़ती घटनाओं के विरोध में सरोना तहसील अंतर्गत 35 गांवों के सर्व समाज की एक बड़ी बैठक रविवार को ग्राम सरोना के मंडी परिसर में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता ग्राम समिति अध्यक्ष अजय हिरवानी ने की, जबकि कार्यक्रम में सर्व समाज अध्यक्ष कमल किशोर कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस बैठक में सर्व समाज के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने एकमत से यह निर्णय लिया कि क्षेत्र में धर्मांतरण जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे और गांव-गांव में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
बैठक में उपस्थित सर्व समाज के लोगों ने धर्मांतरण के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाई और स्पष्ट कहा कि अपनी संस्कृति, परंपरा और देवी-देवताओं की रक्षा के लिए वे हर संभव कदम उठाएंगे। ग्रामीणों ने इस बात पर सहमति जताई कि अब समय आ गया है जब समाज को जागरूक होकर अपने मूल धर्म और परंपराओं की रक्षा करनी चाहिए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि गांवों में बाहरी पादरी और पास्टर की एंट्री पर बोर्ड लगाई जाएगी, ताकि धर्मांतरण की कोशिशों पर नियंत्रण पाया जा सके।
लोगों को किया जाएगा जागरूक, सामूहिक एकता का संदेश बैठक में यह भी तय किया गया कि गांव गांव जाकर लोगों को धर्मांतरण के नुकसान और अपनी संस्कृति के संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा। इस उद्देश्य से आने वाले दिनों में सर्व समाज की ओर से जागरूकता अभियान और ग्रामस्तरीय सभाओं का आयोजन किया जाएगा।
ग्राम समिति अध्यक्ष अजय हिरवानी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि धर्मांतरण आज समाज के सामने एक बड़ी चुनौती के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि “हम सबको मिलकर इस चुनौती का सामना करना होगा। यह सिर्फ धर्म का नहीं, बल्कि हमारी पहचान, हमारी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा सवाल है। हम अपने देवी-देवताओं, अपने त्योहारों और अपनी परंपराओं को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।” का
सर्व समाज ने लिया एकजुटता का संकल्प इस अवसर पर उपस्थित सर्व समाज के पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने हाथ उठाकर संकल्प लिया कि वे अपने गांवों में धर्मांतरण की किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेंगे और इसके खिलाफ एकजुट होकर कार्य करेंगे।
बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष तारा ठाकुर, ग्राम पंचायत सरोना सरपंच दीपिका वट्टी, उपसरपंच दिनेश सहारे, पूर्व उपसरपंच यशवंत सुरोजिया, जीवन नेताम, किशोर भास्कर, सुदामा यादव, अनिल गजपाल, पूर्व सरपंच सूरज कोराम, निलेश गोलछा, बेराग शोरी, हीरा मरकाम, ईश्वर कवाडे़ बजरंग दल के पदाधिकारी, अखिलेश चंद्रोवल, मुना तिवारी, धर्मेंद्र सुरुजिया, गौरव शोरी सहित विभिन्न गांवों के जनप्रतिनिधि, समाज प्रमुख और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सर्व समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि यह बैठक किसी एक धर्म या वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि अपनी मूल संस्कृति और सामाजिक एकता की रक्षा का प्रयास है। सर्व समाज ने निर्णय लिया कि आगे भी इस तरह की बैठकों का आयोजन कर गांव-गांव में जागरुकता फैलाई जाएगी और समाज को धर्मांतरण के खतरे से बचाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।



