सडक़ में गड्ढे हैं या गड्ढों में सडक़? बड़े अतरमुड़ा में यातायात विभाग की अनदेखी से बढ़ी मुसीबत
सडक़ हुई बदहाल, रातभर दौड़ते भारी वाहन, ग्रामीणों ने थाने में दी शिकायत
लोग बोले — चंदा कर गड्ढे भरे, पर विभागों को परवाह नहीं
बरसाती मौसम में सडक़ में गड्ढे या गड्ढों में सडक़, रातभर दौड़ते भारी वाहन

रायगढ़ शहर से सटे ग्राम पंचायत बड़े अतरमुड़ा की सडक़ इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। रायगढ़ मेडिकल कॉलेज रोड से जुडऩे वाली यह सडक़ प्राची बिहार, साईं विहार और आसपास की बस्तियों को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ती है। इस मार्ग से हजारों की आबादी रोजाना आवागमन करती है, वहीं शासकीय और निजी स्कूलों तक बच्चों का आना-जाना भी इसी रास्ते से होता है।
लेकिन अब यह सडक़ लोगों की सुविधा के बजाय मुसीबत का कारण बन गई है। भारी मालवाहक ट्रक और ट्रेलर, जो सामान्यत: शहर में प्रवेश पर प्रतिबंधित रहते हैं, वे रात के अंधेरे में इसी सडक़ से शहर के भीतर घुस रहे हैं।
भारी वाहनों ने तोड़ी सडक़ की कमर
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन भारी वाहनों के लगातार चलने से सडक़ इतनी टूट गई है कि अब यह समझना मुश्किल हो गया है कि च्च्सडक़ में गड्ढे हैं या गड्ढों में सडक़।ज्ज् बरसात के दिनों में स्थिति और भयावह हो गई — छोटे वाहनों का चलना जोखिम भरा हो गया है, जबकि दोपहिया चालकों को रोज दुर्घटना के डर से जूझना पड़ता है।
रहवासियों के विरोध और आवेदन के बावजूद न तो प्रशासन और न ही क्कङ्खष्ठ विभाग इस सडक़ की मरम्मत पर ध्यान दे रहे हैं। लोगों ने अपने स्तर पर चंदा इक_ा कर गड्ढे भरने का प्रयास जरूर किया, लेकिन भारी वाहनों की आवाजाही से सारी मेहनत बेकार हो गई।
आधी रात में दौड़ते ट्रक, नींद हराम
स्थानीय लोगों के अनुसार, रात लगभग 10 बजे से सुबह 5 बजे तक भारी वाहनों की आवाजाही अपने चरम पर रहती है। जब मोहल्ला सो रहा होता है, तब धड़ाधड़ ट्रक निकलते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में शोर और धूल का आतंक छा जाता है।
लोगों का आरोप है कि यातायात विभाग की मिलीभगत के बिना यह संभव नहीं हो सकता। अतीत में कई बार शिकायतें और आवेदन दिए गए, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। कभी-कभी प्रशासन अवरोध लगाकर वाहनों की आवाजाही रोकता जरूर है, लेकिन कुछ दिनों बाद अज्ञात तत्व उन अवरोधों को हटा देते हैं और स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।
अवैध वसूली का भी आरोप
सूत्रों के मुताबिक, रात के समय जब भारी वाहनों की आमदरफ्त शुरू होती है, उसी दौरान कुछ लोगों द्वारा वाहन चालकों से अवैध वसूली की जाती है। बताया जा रहा है कि यह सब एक तथाकथित स्थानीय नेता के संरक्षण में हो रहा है।
लोगों में चर्चा है कि क्या इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी थाना चक्रधर नगर और यातायात विभाग को नहीं है? यदि वास्तव में उन्हें जानकारी नहीं है, तो यह मामला और भी गंभीर और संवेदनशील हो जाता है।
ग्रामीणों ने की लिखित शिकायत
इस संदर्भ में ग्राम पंचायत बड़े अतरमुड़ा के सरपंच सहित ग्रामीणों ने संयुक्त हस्ताक्षर कर 5 अक्टूबर 2025 को थाना चक्रधर नगर में शिकायत दर्ज कराई है। लोगों ने इसमें भारी वाहनों के प्रतिबंधित मार्ग से आवागमन रोकने और सडक़ की निर्माण की मांग की है।
लोगों में बढ़ रहा आक्रोश
लगातार अनदेखी और अवैध गतिविधियों से अब लोगों में शासन-प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। रहवासियों का कहना है कि अगर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वे जन आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
क्या कहना है ग्रामीणों का

रोड बहुत खराब स्थिति में है। इतना गड्ढा हो गया है कि चलना मुश्किल हो गया है। हर बार हम लोग विरोध करते हैं, पर कुछ दिन बाद फिर ट्रक चलने लगते हैं। पिछले 3-4 सालों से यही हाल है। प्रदूषण से घरों में रहना मुश्किल हो गया है। प्रशासन तत्काल ध्यान दे।
सौम्या तिवारी, मोहल्लेवासी

रात भर भारी वाहन चलते हैं। घर हिलने लगता है, नींद उड़ जाती है। कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। अब तो जीना मुहाल हो गया है।
रंजन देवी, निवासी बड़े अतरमुड़ा

हम लोगों ने कई बार पुलिस, प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस मार्ग को तत्काल बनाया जाए और भारी वाहनों को प्रतिबंधित किया जाए। इस मार्ग के लिए केलो नदी पर बना पुल कम क्षमता का है, यदि इस पर भारी वाहनों का चलना जारी रहा तो इस पुल का भी हश्र गोवर्धन पूल जैसा हो जाएगा।
प्रमोद पटेल,स्थानीय निवासी
क्या कहना है यातायात विभाग का
हमें इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है। अभी तक मुझे जानकारी भी नहीं है, देखते हैं।
उत्तम प्रकाश सिंह
डीएसपी यातायात रायगढ़



