Strict action on persistent absence – Assistant Committee Manager of Paddy Procurement Center Mukdega suspended
रायगढ़ / खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन कार्य की पारदर्शिता और सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करने जिला प्रशासन सतत् निगरानी कर रहा है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में जिला स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।
सहकारिता विभाग के प्रभारी उप आयुक्त ने बताया कि निरीक्षण के दौरान धान उपार्जन केंद्र मुकडेगा के सहायक समिति प्रबंधक तेलूराम सिदार लगातार अनुपस्थित पाए गए। सहकारिता विस्तार अधिकारी, विकासखंड लैलूंगा द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में भी यह पुष्टि हुई कि निरीक्षण के समय श्री सिदार ड्यूटी पर मौजूद नहीं थे। जिला प्रशासन ने पाया कि आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित मुकडेगा (संख्या 177) के सहायक समिति प्रबंधक द्वारा धान खरीदी जैसे महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही, उदासीनता और जिम्मेदारीहीन व्यवहार प्रदर्शित किया जा रहा था, जिससे उपार्जन प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से सहायक समिति प्रबंधक तेलूराम सिदार को निलंबित कर दिया है। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक धान खरीदी कार्य में संलग्न सभी कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ आवश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (ESMA Act 1979) लागू किया गया है। इसके तहत किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीर अनुशासनहीनता माना जाता है। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने स्पष्ट कहा है कि धान खरीदी जैसे व्यापक जनहित के कार्य में किसी भी कर्मचारी की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। सभी केंद्रों की मॉनिटरिंग नियमित एवं कड़ाई से जारी रहेगी, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और खरीदी प्रक्रिया निर्बाध रूप से संचालित हो सके।

