Villagers in Kerabahar and Mohanpur villages took a pledge against social evils.
लैलूंगा क्षेत्र में पुलिस जन चौपाल के जरिए साइबर जागरूकता और शराब बंदी का अभियान तेज
रायगढ़ । पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के दिशा-निर्देशन एवं एडिशनल एसपी श्री आकाश मरकाम, एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी लैलूंगा उपनिरीक्षक गिरधारी साव के नेतृत्व में सामुदायिक पुलिसिंग के तहत गांव-गांव जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी है। अपराधों की रोकथाम, सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन और ग्रामीणों में कानून के प्रति विश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से गांवों में पुलिस जन चौपाल एवं चलित थाना लगाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
इसी क्रम में कल 30 नवंबर को ग्राम केराबहार और मोहनपुर में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां थाना प्रभारी गिरधारी साव ने साइबर अपराधों से बचाव, महिला एवं बाल सुरक्षा, सड़क दुर्घटना नियंत्रण तथा अवैध शराब और जुआ-सट्टा जैसी सामाजिक बुराइयों पर रोक लगाने संबंधी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि साइबर ठगी के तरीके लगातार बदल रहे हैं, इसलिए जागरूकता और सावधानी ही सुरक्षा का एकमात्र उपाय है। साथ ही अवैध शराब के दुष्परिणामों और घरेलू हिंसा, अपराध तथा सामाजिक विघटन पर पड़ने वाले प्रभावों को गंभीरता से समझाते हुए शराबबंदी की दिशा में सामूहिक प्रयासों की अपील की।
विदित हो कि लैलूंगा क्षेत्र में ग्राम बनेकेला के बाद अब ग्राम केराबहार ने भी महिला समिति के नेतृत्व में गांव में पूर्ण शराबबंदी का संकल्प लिया है। कार्यक्रम में केराबहार और आसपास के गांवों से लगभग 700 महिलाएं एवं पुरुष बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, वहीं ग्राम मोहनपुर के कार्यक्रम में 110 ग्रामीणों ने भाग लेकर पुलिस की इस पहल को समर्थन दिया।
सामुदायिक जागरूकता के इन कार्यक्रमों ने ग्रामीणों में सकारात्मक संदेश दिया है और पुलिस-जन सहयोग से सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया गया है।



