Paddy procurement is being done with sensitivity and transparency, farmers are getting great convenience
जिले में अब तक 4 हजार से अधिक टोकन जारी
रायगढ़ / खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले के 105 धान उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी कार्य पूरी पारदर्शिता, संवेदनशीलता और सुव्यवस्था के साथ जारी है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार उपार्जन केंद्रों में पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, तौल-कांटा, बारदाना एवं स्टैकिंग जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है।
जिले में अब तक 4123 टोकन जारी किए जा चुके हैं, जिनके आधार पर किसानों से सुगमतापूर्वक धान खरीदी की जा रही है। टोकन व्यवस्था के कारण किसानों को निर्धारित समय पर केंद्र में पहुंचकर बिना किसी भीड़-भाड़ और इंतजार के धान बेचने की सुविधा मिल रही है। पंजीकृत टोकनों के विरुद्ध खरीदी का प्रतिशत 99.39 दर्ज किया गया है, जो इस व्यवस्था की पारदर्शिता और प्रभावशीलता को दर्शाता है।
किसानों ने जताया आभार, सुविधाओं से पूरी तरह संतुष्ट
धान विक्रय के लिए उपार्जन केंद्र कोड़ातराई पहुंचे लोहरसिंह के सीमांत किसान श्री कार्तिकेश्वर गुप्ता ने बताया कि उन्होंने ढाई एकड़ खेत में धान की फसल ली थी और 42 क्विंटल धान विक्रय के लिए ऑनलाइन टोकन लिया। उन्होंने कहा कि टोकन कटाने से लेकर धान विक्रय तक किसी भी चरण में कोई परेशानी नहीं हुई। केंद्र में पेयजल, बैठने की व्यवस्था, तौल-कांटा, बारदाना और स्टैकिंग सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह सरल, सुरक्षित और पारदर्शी है। उन्होंने शासन और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस व्यवस्था से किसानों का समय और श्रम दोनों की बचत हुई है।
हमारी उपज का सम्मान मिल रहा है-किसानों की प्रतिक्रिया
धान बेचने पहुंचे अन्य किसानों ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार इस वर्ष धान खरीदी व्यवस्था और भी बेहतर और किसान हितैषी साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल की मानक उपज के आधार पर धान खरीदा जा रहा है। इससे हमारे परिश्रम और फसल का वास्तविक मूल्य मिल रहा है। इसके लिए हम मुख्यमंत्री श्री साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभारी हैं। किसानों ने कहा कि प्रशासन द्वारा बनाई गई सरल, सुचारू और पारदर्शी व्यवस्था के कारण वे पूरी तरह संतुष्ट हैं।



