धोबनी/बिलाईगढ़– धोबनी में शासकीय महाविद्यालय खोलने की दिशा में उठाए गए कदमों ने क्षेत्र के छात्रों—विशेषकर बेटियों—में नई उम्मीदें जगा दी हैं। महाविद्यालय की संभावित स्थापना से अब उन्हें उच्च शिक्षा के लिए गांव से दूर शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धोबनी की छात्राओं से बातचीत में उन्होंने बताया
कि महाविद्यालय का खुलना उनके लिए ‘एक वरदान’ साबित होगा। छात्राओं ने कहा कि:
अब हम अपने ही गाँव में रहकर अपने सपनों को पूरा कर पाएँगी। परिवार पर आर्थिक बोझ भी कम होगा और हमें सुरक्षित माहौल में पढ़ाई का अवसर मिलेगा।”
आसपास के गांवों के छात्रों को भी होगा बड़ा लाभ
धोबनी, सोहागपुर , लंकाहुडा , ढनढ़नी , नरेश नगर , बेंगपाली , पीपरभावना , दुरुग , बेलादुला , किसडा , कचोन्दा , तेंदूदरहा , शंकर नगर , साजापाली , बूटीपाली , कलीहारी सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे स्नातक की पढ़ाई करने के लिए अब बिलाईगढ़, सारंगढ़, रायगढ़ बिलासपुर या अन्य शहरों का सहारा लेते थे।
इससे उन्हें— आर्थिक तंगी , आवास व परिवहन की समस्या ,लंबी दूरी तय करने की परेशानी ,असुरक्षा की चिंता (विशेषकर बेटियों के लिए) ,जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। धोबनी में महाविद्यालय खुलने से क्या होगा बदलाव?
बेटियों की उच्च शिक्षा में बढ़ोतरी , आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत , समय और पैसे की बचत, स्थानीय स्तर पर शिक्षा का विस्तार ,
, क्षेत्र में शैक्षिक माहौल और रोजगार के अवसरों में वृद्धि ग्रामीणों का मानना है कि यह महाविद्यालय न सिर्फ शिक्षा का केंद्र बनेगा, बल्कि आने वाले वर्षों में धोबनी और आसपास के गांवों का सामाजिक-शैक्षिक विकास भी तेजी से बढ़ाएगा।
धोबनी में महाविद्यालय खोलने की यह पहल पूरे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक कदम साबित हो सकती है। अब स्थानीय लोगों की नजरें अंतिम मंज़ूरी पर टिकी हुई हैं।



