मुंगेली जिला से हरजीत भास्कर की रिपोर्ट
10 गांव प्रभावित, महिलाओं और स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर संकट, प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम – जनप्रतिनिधि विद्यानंद चंद्राकर
मुंगेली।- लोरमी— जिला मुख्यालय से लगे देवरहट क्षेत्र में संचालित देशी एवं विदेशी शराब दुकान को लेकर ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश देखा जा रहा है। गांव हरनाचाका सहित आसपास के करीब 10 से अधिक गांवों के ग्रामीणों ने शराब भट्टी को हटाने की मांग को लेकर कलेक्टर मुंगेली को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि शराब दुकान खुलने के बाद क्षेत्र में अपराध, मारपीट, चोरी, गुंडागर्दी तथा महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे क्षेत्र का माहौल अशांत हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि देवरहट ऐसा स्थान है जहां आसपास के दस से बारह गांवों के लोग आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी, बच्चों की पढ़ाई और साप्ताहिक बाजार के लिए रोजाना आते-जाते हैं। शराब दुकान खुलने के बाद स्कूली बच्चियों और महिलाओं के लिए इस मार्ग से गुजरना सुरक्षित नहीं रह गया है।
स्कूली छात्राओं से छेड़छाड़ का गंभीर मामला
ग्रामीणों ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि 06 दिसंबर को ग्राम हरनाचाका की स्कूली छात्राएं जब विद्यालय से लौट रही थीं, तब शराब दुकान के पास नशे में धुत कुछ युवकों ने रास्ता रोककर अभद्र टिप्पणी, गाली-गलौज तथा छेड़छाड़ की। आरोप है कि आरोपियों ने छात्राओं के स्कूल बैग में जबरन शराब की बोतल डाल दी। घटना की सूचना पर पुलिस द्वारा कार्रवाई की गई, लेकिन माता-पिता में भय का माहौल कायम है। अभिभावकों का कहना है कि यदि शराब दुकान बंद नहीं हुई तो वे अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर देंगे।
आबकारी विभाग की लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि घटना से 48 घंटे पहले ही ग्राम हरनाचाका के लोगों ने जिला आबकारी विभाग के अधिकारी डीईओ रविशंकर साय को शराब दुकान के आसपास संचालित अवैध चखना दुकानों को हटाने की मांग की थी, यदि समय रहते कार्रवाई होती तो इस शर्मनाक घटना को रोका जा सकता था।
यातायात जाम और दुर्घटना की आशंका
ग्रामीणों ने बताया कि शराब दुकान के बाहर दिनभर वाहनों की अनियंत्रित पार्किंग से सड़क पर जाम की स्थिति निर्मित रहती है, जिससे स्कूली बच्चों, महिलाओं तथा राहगीरों को परेशानी होती है। कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन प्रशासन आंख मूंदे बैठा है।
सामाजिक माहौल बिगड़ा, असामाजिक तत्वों का जमावड़ा
शराब दुकान के कारण क्षेत्र में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ गया है। रात होते ही शराबियों द्वारा सड़क पर उत्पात, लड़ाई-झगड़ा और गाली-गलौज आम बात हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे गांव का सामाजिक वातावरण खराब हो रहा है और युवा वर्ग गलत दिशा में जा रहा है।
महिलाओं और बच्चों में भय का माहौल
महिलाओं ने प्रशासन को अवगत कराया कि शराब दुकान के आसपास से गुजरने में डर लगता है। छेड़छाड़ की घटनाओं ने महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, वहीं शराब की खाली बोतलें, गंदगी और दुर्गंध से पर्यावरण भी प्रभावित हो रहा है।
15 दिन का अल्टीमेटम, नहीं हटाई दुकान तो उग्र आंदोलन
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर शराब दुकान को बंद या अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया गया, तो क्षेत्रवासी उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों को भेजी गई प्रतिलिपि
ग्रामीणों ने ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, आबकारी मंत्री, गृहमंत्री और आबकारी विभाग के मुख्य सचिव को भी भेजी है, जिससे मामले की गंभीरता को शासन स्तर तक पहुंचाया जा सके।
वही लोरमी तहसीलदार शेखर पटेल द्वारा ज्ञापन को लेकर उच्च अधिकारी को अवगत कराना की बात कही गई
ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वाले प्रमुख लोग:
विधानंद चंद्राकर, संतोष श्रीवास, दीपक शर, गणेश कश्यप, नारायण सिंह, फूलदास मानिकपुरी, भोपाल सिंह, लक्ष्मी नारायण, हरिशंकर, नागेश सिंह, दरमाकांत, परल राम यादव, रितु हेमलता राजपूत, अविनाश कश्यप, दिशा सिंह, अंजली राजपूत, पल्लवी पात्र, कल्पना राजपूत, मनीषा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों के हस्ताक्षर शामिल हैं।



