A review meeting of the District Health Committee was held, and the progress of national health programs was thoroughly reviewed.
योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे – सीईओ जिला पंचायत
रायगढ़ / कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक कलेक्टोरेट कार्यालय के सभा कक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे ने की। बैठक में स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की संयुक्त उपस्थिति में जिले में संचालित समस्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार को लेकर भी की गई चर्चा
सीईओ जिला पंचायत श्री पठारे ने दोनों विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे और फील्ड स्तर पर सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मानव संसाधन की स्थिति, स्वास्थ्य संस्थानों की मूलभूत सुविधाएं, नियमित टीकाकरण, पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी), मध्यम कुपोषित बच्चों की भर्ती, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना, एएनसी पंजीयन, हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की निगरानी, संस्थागत प्रसव तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु आंकेक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर बिंदुवार समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके), कुष्ठ रोग नियंत्रण, गैर संचारी रोग (एनसीडी), डायलिसिस सेवाएं, आयुष्मान वय वंदन योजना तथा एनक्यूएस के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार को लेकर भी चर्चा की गई।
सघन पल्स पोलियो अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा
बैठक में आगामी राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को अभियान के दौरान शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने, बूथ एवं मोबाइल टीमों की प्रभावी तैनाती तथा जनजागरूकता गतिविधियों को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत, सिविल सर्जन डॉ. दिनेश पटेल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैंकरा, नोडल अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा, डॉ. भानूप्रताप पटेल सहित स्वास्थ्य विभाग के खंड चिकित्सा अधिकारी, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक, खंड विस्तार एवं प्रशिक्षण अधिकारी, सेक्टर प्रभारी, सुपरवाइजर, एएनएम, मितानिन तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी को फील्ड स्तर पर सतर्कता बढ़ाने, नियमित फॉलोअप, समय पर जांच एवं आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।



