The Collector visited the special residential coaching camp and shared tips for success with the students.
निरंतर मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है – कलेक्टर
कक्षा 10वीं एवं 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों के लिए तीन दिवसीय विशेष आवासीय कोचिंग शिविर आयोजित
रायगढ़ / जिला प्रशासन द्वारा रायगढ़ जिले के कक्षा 10वीं एवं 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों के लिए तीन दिवसीय विशेष आवासीय कोचिंग शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर उन विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया है जिन्होंने छमाही परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है।
इसी क्रम में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी विशेष आवासीय कोचिंग शिविर स्थल पहुंचे। यहां उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता का मूल मंत्र बताते हुए कहा कि निरंतरता, अनुशासन और आत्मविश्वास किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने की कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि आनंद के रूप में लें, समय प्रबंधन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और अपने लक्ष्य को पाने की तीव्र इच्छा स्वयं में विकसित करें। कलेक्टर ने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि असफलताएं अंत नहीं होतीं, बल्कि वे सफलता की ओर ले जाने वाले महत्वपूर्ण अनुभव होती हैं।
शिविर का आयोजन 5 से 7 जनवरी तक पंचायत सचिव एवं प्रशिक्षण संस्थान, रायगढ़ में किया जा रहा है। विशेष आवासीय कोचिंग शिविर के प्रथम दिवस पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे ने कहा कि प्रतिभा तभी निखरती है जब उसे सही मार्गदर्शन, सकारात्मक वातावरण और निरंतर अभ्यास मिले। उन्होंने विद्यार्थियों को तनावमुक्त होकर परीक्षा की तैयारी करने, उत्तर लेखन में स्पष्टता रखने और समय का संतुलित उपयोग करने की सलाह दी। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. के. व्ही. राव ने अपने विशेष एवं व्यावहारिक उद्बोधन में स्वयं चॉक पकड़कर कक्षा लेते हुए विद्यार्थियों के भौतिकी विषय से संबंधित संदेहों का समाधान किया। उन्होंने परीक्षा के ब्लूप्रिंट पर फोकस करते हुए अध्यायवार अंक वितरण, प्रश्न चयन और अधिकतम अंक प्राप्त करने की रणनीति विस्तार से समझाई। इस प्रत्यक्ष शिक्षण से विद्यार्थियों में विषय के प्रति आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
इस अवसर पर डीएमसी आलोक स्वर्णकार ने उत्तर लेखन की तकनीक पर विशेष मार्गदर्शन देते हुए कहा कि परीक्षक के दृष्टिकोण से स्पष्ट, क्रमबद्ध और प्रभावी उत्तर ही सफलता दिलाते हैं। उन्होंने भौतिक विज्ञान में सूत्रों की प्रस्तुति, डायग्राम एवं ग्राफ के सही उपयोग पर जोर दिया। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक दिनेश पटेल, रायगढ़ जिले के सातों विकासखंडों के विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी डी. पी. पटेल, एपीसी भूपेंद्र पटेल तथा जिला नोडल अधिकारी (छात्रवृत्ति शाखा) एस. के. कर्ण उपस्थित रहे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को शासन की छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी देते हुए नियमित अध्ययन, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए प्रेरित किया।



