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मनरेगा से बेहतर, अधिक प्रभावी और पारदर्शी है विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम – अरुण साव

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The Developed India G-RAM-G Act is better, more effective, and more transparent than MNREGA – Arun Sao

विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम किसानों, मज़दूरों व गरीबों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता का प्रमाण – अरुण साव

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ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के सुनिश्चित रोजगार की कानूनी गारण्टी देगा विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम – अरुण साव

कांकेर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने आज भाजपा जिला कार्यालय कमल सदन कांकेर में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम 2025 लाया गया है, जो देश के गांवों को विकसित बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि यह अधिनियम किसानों, मजदूरों और गरीबों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने याद दिलाते हुये कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद श्री मोदी ने संसद में अपने पहले भाषण में ही स्पष्ट किया था कि उनकी सरकार गरीबों के नाम समर्पित रहेगी और उसी भावना के अनुरूप घर-घर बिजली, शौचालय, आवास और जनधन खाते जैसी ऐतिहासिक योजनाएँ लागू की गईं।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम मनरेगा योजना का उन्नत और अधिक प्रभावी रूप है और कई मायनों में इससे बेहतर है। मनरेगा में जहां 100 दिनों का रोजगार मिलता था, वहीं अब इस अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के सुनिश्चित रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। इससे मजदूरों की आमदनी में स्वाभाविक रूप से बढ़ोतरी होगी।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने स्पष्ट किया कि मजदूरी भुगतान अब सात दिनों के भीतर किया जाएगा। यदि निर्धारित समय सीमा में भुगतान नहीं होता है तो विलंबित भुगतान पर अतिरिक्त राशि मजदूर को दी जाएगी, जिसे मजदूरी पर ब्याज की तरह माना जा सकता है। इससे मजदूरों को न्याय मिलेगा और भुगतान में देरी जैसी पुरानी समस्याओं का समाधान होगा।

उन्होंने कहा कि खेती-किसानी के कार्यों को सुरक्षित रखने के लिए भी अधिनियम में महत्वपूर्ण प्रावधान किया गया है। बुवाई और कटाई के समय 60 दिनों तक कार्य रोके जा सकेंगे, ताकि किसानों को पर्याप्त मजदूर उपलब्ध हों और कृषि गतिविधियाँ प्रभावित न हों। इससे ग्रामीण पलायन भी रुकेगा और कृषि उत्पादन को स्थिरता मिलेगी।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मनरेगा में पहले फर्जी मास्टर रोल, मशीनों के उपयोग और धांधली की शिकायतें मिलती थीं, जिन्हें यह नया अधिनियम स्वतः समाप्त करेगा। पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक मजदूरों को सीधे लाभ मिलेगा। यह अधिनियम ग्रामीण विकास में क्रांतिकारी परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने जोर देते हुये कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम के अंतर्गत चार प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जाएगा—जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आपदा सुरक्षा और आजीविका संवर्धन। जल संरक्षण, नदी-नालों के सुधार, कटाव रोकने तथा सिंचाई संरचनाओं के विकास जैसे कार्य प्राथमिकता से कराए जाएंगे।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और कौशल विकास जैसी गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। ग्रामीण स्तर पर रोजगार एवं सतत आय के नए अवसर सृजित होंगे और पीएम गति शक्ति जैसी राष्ट्रीय योजनाओं को भी इससे बल मिलेगा। श्री साव ने कहा कि यह अधिनियम गांवों में टिकाऊ विकास, स्थायी रोजगार और समृद्धि का नया अध्याय लिखेगा।

प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष महेश जैन, लोकसभा सांसद भोजराज नाग, विधायक विक्रम उसेंडी , विधायक आशा राम नेताम, पूर्व सांसद मोहन मंडावी, पूर्व विधायक सुमित्रा मारकोले, टेकेश्वर जैन, राजा पांडेय, जितेंद्र मरकाम,अशोक वलेचा, बृजेश चौहान, अरविंद जैन, अनिता सोनी, संजय सिन्हा, उत्तम जैन, बृजमोहन तिवारी, प्रदीप जायसवाल, राजीव लोचन सिंह, दीपक खटवानी, निपेन्द्र पटेल, अरुण कौशिक, राधे लाल नाग, निखिल राठौर, विजय मंडावी, डॉ देवेंद्र साहू आदि उपस्थित रहे।

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