A special meeting was held by the Kanker Police in Kanker district with the Chamber of Commerce, petrol pump operators, and medical store owners to discuss law and order and crime control.
दिनांक 15.01.2026
दिनांक 15.01.2026 को श्री निखिल अशोक राखेचा (भापुसे), पुलिस अधीक्षक कांकेर, के निर्देशानुसार, श्री अकाश श्रीश्रीमाल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, श्री दिनेश सिन्हा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कांकेर मार्गदशन एवं अन्य राजपत्रित अधिकारियों की उपस्थित में पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभाकक्ष में चैबर आॅफ काॅमर्स, पेट्रोल पम्प संचालक एवं मेडिकल स्टोर संचालकों का मीटिंग लिया गया।
मीटिंग में उपस्थित चैंबर आॅफ काॅमर्स, मेडिकल संचालकों, पेट्रोल पम्प संचालको को सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरा दुकान के मुख्य जगहों में मुख्य प्रवेष द्वारा (सामने और पीछे) कैष काउंटर, रिसेप्शन एरिया, गोदाम (वेयर हाउस), और संवेदनशील जगहो पर लगाने का सुझाव दिया गया, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके, कैमरे ऊँचे और नीचे की ओर कोण पर लगाने ताकि विस्तृत कवरेज मिले, और प्रवेश/निकास पर लोगों का स्पष्ट रिकाॅर्ड हो खासकर रिसेप्शन पर जिससे सुरक्षा और आॅडिटिंग दोनों करने, सीसीटीम रिकाॅर्ड को अधिक-अधिक स्टोर कर सुरक्षित रखने हेतु निर्देशित किया गया। जिला कांकेर के सराफा दुकानों में बुर्का, नकाब, घूंघट पहनकर आने वाले को एंट्री नही दी जाएगी इसके साथ ही हेलमेट पहनकर आने वाले पुरूषो की भी एंट्री बैन की गई है। मीटिंग में उपस्थित चैंबर आॅफ काॅमर्स, पेट्रोल पम्प संचालक एवं मेडिकल संचालकों, साप्ताहिक बाजार मे ंव्यापारियों एवं ग्रामीणों को यूपीआई, फ्राॅड, आॅनलाइन ठगी, फर्जी काॅल डिजिटल अरेस्ट और अन्य साइबर अपराध, महिलाओं के प्रति बढ़ते साहबर अपराध, जिसमें साइबर अपराधी महिलाओं की व्यक्तिगत तथा संवेदनषील जानकारी को प्राप्त कर शारीरिक या आर्थिक शोषन के लिए ब्लैकमेल करते है, जिससे हत्या, आत्महत्सा और बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों की प्रवृति में वृद्धि से बचाव के उपाय की जानकारी दिया गया।
शहर में बढते दुर्घटनाओं को देखते हुए मीटिंग में उपस्थित चैंबर आॅफ काॅमर्स, पेट्रोल पम्प संचालक एवं मेडिकल स्टोर संचालकों को यातायात सुनिश्चित हेतु सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन करने प्रेरित किया गया जिसमें टेªफिक लाइट, गति सीमा, शराब पीकर गाड़ी न चालने और सभी संकेतो (जैसे हेलमेट सीट बेल्ट) का ध्यान रखने समझाईश दिया गया, तथा मेडिकल संचालकों को किसी भी व्यक्ति को बिना डाॅक्टर वैध पर्ची के दवाई नही देने निर्देशित किया गया ताकि नशे के रूप में प्रयोग करने वाले दवाओं का रोकथाम किया जा सके।



