The Ullas Mela (festival of joy) was organized, a door-to-door survey was conducted to connect illiterate people with the scheme, and an evaluation exam will be held in March.
रायगढ़, नई शिक्षा नीति 2020 के तहत संचालित उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन जिले में कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण, रायगढ़ श्री मयंक चतुर्वेदी के कुशल मार्गदर्शन में किया जा रहा है। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण, रायपुर के निर्देशानुसार 26 जनवरी को जिले के प्रत्येक ग्राम एवं शहरी वार्ड में उल्लास मेले का आयोजन किया गया।
उल्लास मेले का मुख्य उद्देश्य योजना से लाभान्वित नवसाक्षरों एवं वर्तमान में अध्ययनरत शिक्षार्थियों को अपनी प्रतिभा, कौशल और आत्मविश्वास को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करना था। इस अवसर पर प्रत्येक गांव और वार्ड में विविध गतिविधियों के स्टॉल लगाए गए, जिनका संचालन स्वयं नवसाक्षरों एवं शिक्षार्थियों द्वारा किया गया। गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित इस मेले में ग्रामीणों एवं नागरिकों ने बड़े उत्साह के साथ सहभागिता की।
उल्लास मेले के आयोजन के साथ-साथ जिले के सभी ग्रामों और वार्डों में घर-घर जाकर सर्वेक्षण कार्य भी किया गया, ताकि शेष बचे निरक्षरों को चिन्हित कर उन्हें उल्लास योजना से जोड़ा जा सके। इस संबंध में जिला, विकासखंड एवं संकुल स्तर पर पूर्व में प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था। शासन की मंशा वर्तमान सत्र 2025-26 में पूरे राज्य को साक्षर घोषित करने की है। इसी क्रम में जिले के समस्त विकासखंडों में सर्वे कर चिन्हित असाक्षरों को उल्लास केंद्रों में अध्यापन कराया जा रहा है, ताकि वे आगामी मार्च 2026 में आयोजित बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान मूल्यांकन परीक्षा में सम्मिलित हो सकें।



