On Vishnu Ekadashi in Lailunga, the city streets were transformed into a golden spectacle by the procession of illuminated lamps, creating an atmosphere of devotion throughout the city.
रिपोर्टर सतीश शुक्ला लैलूंगा
लैलूंगा – नगर में विष्णु एकादशी उध्यापन व्रत के पावन अवसर पर अघरिया समाज द्वारा ऐसा भव्य और ऐतिहासिक दीप उत्सव आयोजित किया गया, जिसने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय प्रकाश से जगमगा दिया। इस विशेष पर्व पर समाज के लोगों ने मिलकर दीपों की विशाल रैली निकालकर लैलूंगा में एक अनोखा धार्मिक और सांस्कृतिक संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं विष्णु भगवान के स्मरण के साथ हुई। इसके पश्चात समाज द्वारा दीप उत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें नगर के हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। जैसे ही दीपों की रैली नगर की गलियों से निकली, पूरा लैलूंगा दीपमालाओं की रोशनी से जगमगा उठा।
इस ऐतिहासिक दीप रैली में हजारों महिलाओं की भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में हाथों में दीप लिए भक्ति गीतों के साथ आगे बढ़ती रहीं। वातावरण “जय विष्णु भगवान” और धार्मिक जयकारों से गूंज उठा।
दीपों की इस विशाल रैली ने पूरे नगर का भ्रमण किया और हर चौक-चौराहे पर लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। दीपों की कतारें मानो लैलूंगा को दिव्य नगरी में परिवर्तित कर रही थीं। समाज के वरिष्ठजनों ने इसे धार्मिक एकता और सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया।
कार्यक्रम में अघरिया समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि विष्णु एकादशी उध्यापन व्रत केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि समाज को जोड़ने वाला पर्व है। दीप उत्सव के माध्यम से लोगों को धर्म, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया गया।
नगरवासियों ने भी इस आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा की और कहा कि इस प्रकार का भव्य आयोजन लैलूंगा के इतिहास में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
दीपों की इस अद्भुत रैली ने यह संदेश दिया कि जब समाज एकजुट होकर धर्म और संस्कृति के लिए आगे आता है, तब उत्सव केवल आयोजन नहीं बल्कि इतिहास बन जाता है।
लैलूंगा में विष्णु एकादशी का यह दीप उत्सव सचमुच आस्था, परंपरा और एकता का महापर्व बन गया



