“बलिदान महामहोत्सव एवं राष्ट्र रक्षा महायज्ञ” 21 फ़रवरी को आर्ष गुरुकुल आश्रम, तुरंगा में
रायगढ़। राष्ट्रऋषि स्वामी श्रद्धानंद के पावन बलिदान के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में 21 फ़रवरी 2026, शनिवार को प्रातः 10 बजे से आर्ष गुरुकुल आश्रम, तुरंगा, पुसौर जिला रायगढ़, छत्तीसगढ़ में “बलिदान महामहोत्सव एवं राष्ट्र रक्षा महायज्ञ” का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर वर्षभर चलने वाले प्रदेशव्यापी कार्यक्रमों का विधिवत शुभारम्भ भी होगा।
यह आयोजन न केवल श्रद्धांजलि अर्पण का अवसर है, बल्कि राष्ट्रधर्म, संस्कृति संरक्षण और सामाजिक जागरण का संकल्प लेने का भी पावन क्षण है। आयोजन समिति के अनुसार, शताब्दी वर्ष के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों में व्याख्यानमाला, युवा चेतना शिविर, संस्कार वर्ग, सेवा प्रकल्प एवं राष्ट्र जागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

संतों का पावन सान्निध्य एवं विशिष्ट उपस्थिति
कार्यक्रम में पावन आशीर्वाद हेतु पूज्य स्वामी धर्मानन्द सरस्वती जी एवं माता मल्लिका चतुर्भुज जी की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल रमेन डेका कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।
इसके अतिरिक्त अनेक संत-महात्मा, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद् एवं गणमान्य नागरिक इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनेंगे।
राष्ट्र रक्षा महायज्ञ के माध्यम से जागरण का आह्वान
आयोजन समिति ने बताया कि “राष्ट्र रक्षा महायज्ञ” के माध्यम से समाज में राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक अस्मिता एवं धर्म-सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश दिया जाएगा। स्वामी श्रद्धानंद जी का जीवन त्याग, तप, शिक्षा एवं समाज सुधार के आदर्शों से ओतप्रोत रहा है। उनका बलिदान राष्ट्र चेतना का अमिट अध्याय है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।
सहभागिता का आग्रह
स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती जी बलिदान शताब्दी वर्ष आयोजन समिति, आर्ष गुरुकुल आश्रम, तुरंगा (पुसौर) ने समस्त धर्मप्रेमी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इस राष्ट्रधर्म के पावन महायज्ञ में सहभागी बनकर अपने जीवन को धन्य करें और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सुदृढ़ करें।



