उत्तर बस्तर कांकेर, 16 मार्च 2026/ पशुओं के खुर-पका, मुंह पका रोग से बचाव के लिये विशेष टीकाकरण अभियान की शुरूआत जिले में हो गयी है। यह अभियान केन्द्र सरकार की योजना राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत चलाया जा रहा है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री हरेश मंडावी ने जिला पंचायत परिसर से टीकाकरण दल को हरी झंडी दिखाकर अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान 30 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान गाय, भैंस दोनो प्रजातियों के पशुओं का खुर-पका, मुंह-पका रोग से बचाव के लिये टीकाकरण किया जायेगा। इस अभियान के सफल संचालन के लिए 84 टीकाकरण दल का गठन किया गया है, जिनके द्वारा जिले के समस्त ग्रामों में टीकाकरण कार्य किया जाएगा।
उप संचालक पशु चिकित्सा सेवायें डॉ. सत्यम मित्रा ने बताया कि खुर-पका, मुंह पका रोग खुर वाले पशुओं का अत्यंत संक्रामक एवं घातक विषाणुजनित रोग है, जो गाय, भैंस, भेड़, बकरी, सूकर आदि पशुओं को प्रभावित करता है। यह रोग पशुओं में तेजी से फैलता है। इस रोग के होने पर पशुओं को तेज बुखार के साथ मुंह, मसूड़े एवं जीभ के उपर, नीचें, होंठ के अंदर का भाग, खुरों के बीच की जगह पर छोटे-छोटे दाने उभर आते हैं, जो कि आपस में मिलकर छालों का रूप ले लेते हैं। मुंह में छाला होने से पशु के मुंह से लगातार लार गिरती रहती है एवं खुर में छालों के कारण पशु लंगड़ा कर चलता है। पशु खाना-पीना छोड़ देता है एवं सुस्त पड़ जाता है। रोग से बचाव के लिये टीकाकरण एक मात्र उपाय है। उन्होंने जिले के सभी पशुपालकां से अपील की है कि अपने पशुओं का एफएमडी टीकारण अवश्य कराएं।



