कोरिया/सोनहत।
सोनहत क्षेत्र की राजनीति इन दिनों लगातार चर्चा में बनी हुई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के ग्राम कुशहा प्रवास के दौरान भाजपा कार्यकर्ता द्वारा सार्वजनिक मंच से विधायक के संबंध में सवाल उठाए जाने के बाद शुरू हुआ घटनाक्रम अब और अधिक राजनीतिक रंग लेता दिखाई दे रहा है। इसी बीच क्षेत्रीय मीडिया में प्रसारित कथित ऑडियो क्लिप ने चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
*कथित ऑडियो क्लिप की नहीं हुई आधिकारिक पुष्टि*
हालांकि पूरे मामले की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब तक किसी भी न्यूज चैनल अथवा मीडिया प्लेटफॉर्म द्वारा उक्त कथित ऑडियो क्लिप की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिना सत्यापन किसी भी ऑडियो क्लिप के आधार पर किसी जनप्रतिनिधि की छवि को प्रभावित करने का प्रयास उचित नहीं माना जा सकता।
*कार्यकर्ताओं ने रेणुका सिंह के पक्ष में खोला मोर्चा*
इसी बीच विधायक रेणुका सिंह के समर्थन में भाजपा कार्यकर्ता खुलकर सामने आने लगे हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि रेणुका सिंह का राजनीतिक जीवन संघर्ष, संगठनात्मक निष्ठा और जनता के प्रति समर्पण का उदाहरण रहा है। एक सामान्य भाजपा कार्यकर्ता से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत कर उन्होंने मंडल स्तर से लेकर संगठन और सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है। केंद्रीय मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहते हुए भी उन्होंने क्षेत्र और कार्यकर्ताओं से अपना जुड़ाव लगातार बनाए रखा।
*गांव-गांव पहुंचकर सुन रही हैं जनता की समस्याएं*
समर्थकों का कहना है कि रेणुका सिंह आज भी गांव-गांव जाकर जनता की समस्याएं सुनती हैं तथा क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उनका मानना है कि अपुष्ट ऑडियो क्लिप के आधार पर भ्रम की स्थिति निर्मित करना राजनीतिक मर्यादा और संगठनात्मक संस्कृति के अनुरूप नहीं माना जा सकता।
**राजनीतिक षड्यंत्र की भी हो रही चर्चा*
कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के लोगों के बीच अब यह चर्चा भी तेज हो गई है कि विधायक रेणुका सिंह के खिलाफ जिस प्रकार लगातार विवाद खड़ा करने की कोशिश की जा रही है, वह कहीं न कहीं एक सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा प्रतीत होता है। समर्थकों का आरोप है कि क्षेत्र में उनकी बढ़ती लोकप्रियता, मजबूत संगठनात्मक पकड़ और जनता के बीच लगातार सक्रिय उपस्थिति से कुछ राजनीतिक विरोधी असहज हैं, जिसके चलते अपुष्ट एवं कथित सामग्रियों के माध्यम से उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
*मुख्यमंत्री के बयान के बाद बदला चर्चा का रुख*
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं मंच से स्पष्ट किया कि विधायक रेणुका सिंह अपने पुत्र के उपचार के कारण मुंबई में मौजूद थीं और उन्होंने इसकी जानकारी फोन पर दी थी। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद पूरे मामले को लेकर चर्चाओं का रुख भी बदलता दिखाई दिया।
*शोकॉज नोटिस को भी माना जा रहा अहम*
वहीं भाजपा जिला कोरिया द्वारा संबंधित कार्यकर्ता मनोज साहू को जारी कारण बताओ नोटिस को भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संगठन द्वारा सार्वजनिक मंच पर उठाए गए विषय को गंभीरता से लेते हुए शोकॉज नोटिस जारी किया जाना यह संकेत देता है कि पार्टी अपने वरिष्ठ नेताओं की गरिमा और संगठनात्मक अनुशासन को लेकर पूरी तरह गंभीर है।
*जनता और कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत बनी हुई है पकड़*
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि वर्तमान घटनाक्रम ने क्षेत्र की राजनीति को नई चर्चा दे दी है। वहीं दूसरी ओर भाजपा कार्यकर्ताओं का एक बड़ा वर्ग खुलकर विधायक रेणुका सिंह के समर्थन में सामने आता दिखाई दे रहा है। क्षेत्र में अब यह चर्चा तेज है कि लंबे राजनीतिक अनुभव, मजबूत संगठनात्मक पकड़ और जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने के कारण रेणुका सिंह आज भी भाजपा कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच एक प्रभावशाली एवं मजबूत जननेता के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए हैं।



