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कोटमीसुनार के प्रभु अनुराग भवन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ मनाया गया पर्यावरण दिवस

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*​प्रकृति के पांच तत्वों से मांगी क्षमा, दीदी जी ने मेडिटेशन से पहुंचाए श्रेष्ठ प्रकंपन*

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*​धरती मां को जहर न पिलाएं, शाश्वत यौगिक खेती अपनाएं: ब्रह्माकुमारी शशिप्रभा दीदी*

*​प्रमोद अवस्थी मस्तूरी*

मस्तूरी।विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रभु अनुराग भवन में एक भव्य सांस्कृतिक एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी शशिप्रभा दीदी ने उपस्थित जनसमुदाय को प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण को हरा-भरा बनाने के संकल्प के साथ सभी उपस्थित लोगों को प्रसाद और विभिन्न प्रकार के फल-फूल वाले पौधे (जैसे आम, कटहल आदि) बांटे गए।
​ *मेडिटेशन द्वारा प्रकृति से मांगी क्षमा, दिए श्रेष्ठ प्रकंपन*
​कार्यक्रम का आरंभ बेहद आध्यात्मिक और शांतिपूर्ण माहौल में हुआ। ब्रह्माकुमारी शशिप्रभा दीदी ने उपस्थित सभी भाई-बहनों को गहन राजयोग मेडिटेशन (राजयोग अभ्यास) कराया। इस दौरान सभी ने मिलकर प्रकृति को अपनी शुभभावनाएं और श्रेष्ठ प्रकंपन (Vibrations) पहुंचाए। इसके साथ ही, मनुष्यों द्वारा जाने-अनजाने में प्रकृति को पहुंचाए गए नुकसान के लिए सभी ने सामूहिक रूप से मेडिटेशन के माध्यम से प्रकृति के पांचों तत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश) से हृदय से क्षमा याचना की।
​ *प्रकृति परिवर्तन और यौगिक खेती पर दिया जोर*
​’प्रकृति परिवर्तन’ विषय पर संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारी शशिप्रभा दीदी ने कहा कि आज हमें अपनी धरती मां को रसायनों के जहर से बचाना होगा। उन्होंने सचेत करते हुए कहा, “हम जो जहर (रसायन) धरती को दे रहे हैं, वही लौटकर हमारे भोजन और स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहा है।” दीदी ने सभी किसानों और ग्रामीणों को ‘शाश्वत यौगिक खेती’ अपनाने के लिए प्रेरित किया, जिससे भूमि की उपजाऊ क्षमता और मनुष्यों का स्वास्थ्य दोनों सुरक्षित रह सकें।
*​सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बच्चों ने दिया पर्यावरण का संदेश*
​कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने ज्ञानवर्धक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया:
​ *स्वागत नृत्य:* नन्ही बालिका नैना और जमुना ने “ईश्वरी दरबार में इस देवी परिवार में पधारिए, प्रभु धाम आपका स्वागत है…” गीत पर मनमोहक नृत्य कर सभी आगंतुक ग्रामीणों का स्वागत किया।
​ *प्रकृति की पुकार:* रीना और जागृति ने “मेरे भारतवासी जाग उठो, सुनो प्रकृति की पुकार” गीत पर दमदार नृत्य की प्रस्तुति देकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
*​पेड़ काटने का दर्द:* अंचल, रोशनी, विनीता, दामिनी और नैना ने “मत काटो मुझे दुखता है” एक्शन सॉन्ग के माध्यम से पेड़ों की कटाई से होने वाले नुकसान को जीवंत रूप से मंच पर दर्शाया।

*​प्रतिभा सम्मान:* 12वीं के टॉपर अमन तंबोली हुए सम्मानित
​इस कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण क्षेत्र के होनहार छात्र अमन तंबोली का सम्मान समारोह रहा। अमन ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 91.8% अंक हासिल कर अपने स्कूल और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इस उपलब्धि पर ब्रह्माकुमारी शशिप्रभा दीदी ने अमन को तिलक लगाकर, बैज पहनाकर, परमात्मा का स्मृति चिह्न (मोमेंटो), ईश्वरीय पेन और गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया।
​ *राजयोग मेडिटेशन से मिली सफलता: अमन*
अपनी सफलता का राज साझा करते हुए अमन ने बताया कि उन्होंने 10वीं कक्षा में ही ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान से ‘राजयोग मेडिटेशन’ का कोर्स किया था। अमन ने कहा, “इस वर्ष मैंने अन्य सभी बातों से ध्यान हटाकर केवल पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित किया। यदि परमात्मा का साथ, स्वयं पर विश्वास और लक्ष्य पक्का हो, तो मंजिल पाना बहुत आसान हो जाता है।”
​ *कुशल संचालन और आभार*
​संपूर्ण कार्यक्रम को व्यवस्थित और भव्य रूप से संचालित करने में भ्राता टीकाराम कैवर्त्य ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के सफल समापन पर उन्होंने उपस्थित सभी ग्रामवासियों और अतिथियों का हृदय से आभार व्यक्त किया।

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